2026 का चंद्र ग्रहण: रक्षाबंधन पर जानें क्या करें और किन राशियों को रहना है सावधान
चंद्र ग्रहण की तिथि और समय
नई दिल्ली: 28 अगस्त 2026 को चंद्र ग्रहण का आयोजन होगा, जो सावन पूर्णिमा के दिन, यानी रक्षाबंधन पर आएगा। खगोल विज्ञान के अनुसार, यह एक आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। हालांकि, भारत में यह दिन के समय होने के कारण दिखाई नहीं देगा। ज्योतिष में ग्रहण के संबंध में विभिन्न मान्यताएं हैं, और कुछ राशियों के लिए इस समय सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
ग्रहण का समय
भारतीय समयानुसार, चंद्र ग्रहण सुबह लगभग 6:54 बजे प्रारंभ होगा और दोपहर 12:32 बजे समाप्त होगा। इसका आंशिक चरण सुबह 8:04 बजे से 11:22 बजे तक रहेगा, जबकि ग्रहण का चरम समय लगभग 9:43 बजे होगा। इस समय चंद्रमा क्षितिज के नीचे रहेगा, इसलिए भारत में इसे नहीं देखा जा सकेगा।
ज्योतिषीय प्रभाव
ज्योतिष के अनुसार, यह ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र से संबंधित है। हालांकि, राशियों पर इसके प्रभाव के बारे में जो बातें कही जाती हैं, वे धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं और इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं किया जा सकता।
सावधानी बरतने वाली राशियाँ
मेष: मानसिक तनाव बढ़ सकता है। कार्य में रुकावट और रिश्तों में गलतफहमी से बचें।
मिथुन: अचानक खर्च बढ़ने से बजट प्रभावित हो सकता है। आर्थिक निर्णयों में जल्दबाजी न करें।
सिंह: दांपत्य जीवन में तनाव और वित्तीय समस्याएँ हो सकती हैं। बिना जांच के निवेश से बचें।
कन्या: कार्य में दबाव बढ़ सकता है। करीबी से मतभेद होने पर शांत रहकर संवाद करें।
धनु: व्यापारिक सौदों में सावधानी बरतें। यात्रा और पेशेवर बातचीत में अतिरिक्त सतर्कता आवश्यक है।
कुंभ: इस राशि से ग्रहण का विशेष संबंध है। धन, वैवाहिक जीवन और करियर से जुड़े मामलों में सोच-समझकर कदम उठाएं।
ग्रहण के दौरान क्या करें?
चूंकि भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देगा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से किसी विशेष सावधानी की आवश्यकता नहीं है। धार्मिक मान्यताओं का पालन करने वाले लोग अपने पारिवारिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-पाठ कर सकते हैं। ज्योतिषीय सलाह के अनुसार, इस दौरान विवादों से बचना, आर्थिक निर्णयों में संयम रखना और जल्दबाजी से दूर रहना बेहतर है।