ईद-उल-फितर: रमजान के बाद का खास त्योहार और इसकी तैयारी
ईद-उल-फितर का उत्सव
मुस्लिम समुदाय का सबसे महत्वपूर्ण महीना रमजान समाप्त होने वाला है। रमजान के बाद, ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है, जिसके लिए मुस्लिम समाज में उत्साह का माहौल है। लोग ईद का चांद देखने के लिए उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं। सऊदी अरब ने आज ईद की तारीख की घोषणा कर दी है।
सऊदी अरब की घोषणा
सऊदी अरब ने बताया कि वहां 18 मार्च को शव्वाल का चांद नहीं दिखा। इसके बाद, सऊदी सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को रमजान का अंतिम दिन और शुक्रवार को ईद अल-फितर का पहला दिन घोषित किया। UAE, कतर और बहरीन ने भी इसी तरह की घोषणा की है, जिससे भारतीय मुसलमानों का भी संदेह समाप्त हो गया है।
भारत में ईद का उत्सव कब?
ईद मनाने की तिथि चंद्र कैलेंडर पर निर्भर करती है। भारत में ईद की तारीख स्थानीय चांद दिखने पर निर्भर करती है और आमतौर पर यह सऊदी अरब से एक दिन बाद मनाई जाती है। भारत के मौलाना का कहना है कि 19 मार्च की शाम को चांद देखा जाएगा। यदि चांद दिख गया, तो 20 मार्च को ईद होगी, अन्यथा यह 21 मार्च को मनाई जाएगी। चांद दिखने की घोषणा रात 7:30 बजे की जाएगी। हालांकि, कई लोगों का मानना है कि भारत में 20 मार्च की संभावना अधिक है।
ईद-उल-फितर का महत्व
ईद-उल-फितर को 'मीठी ईद' भी कहा जाता है। यह त्योहार मुसलमानों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन से पहले, मुस्लिम समुदाय एक महीने तक रोजा रखता है और फिर इस दिन को विशेष तरीके से मनाता है। यह त्योहार दोस्ती का प्रतीक है। सुबह लोग मस्जिदों में ईद की नमाज अदा करते हैं और एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई देते हैं। घरों में खीर, सेवइयां और अन्य स्वादिष्ट पकवान बनाए जाते हैं। यह त्योहार परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर मनाया जाता है और इसे भाईचारे और खुशी का पर्व माना जाता है। लोग बाजारों में नए कपड़े, मिठाइयां और सजावट की चीजें खरीद रहे हैं। मस्जिदों में सफाई और सजावट का काम चल रहा है। ईद पर दान और सदका भी दिया जाता है, जिससे गरीबों और बच्चों को खुशी मिलती है।