कर्क संक्रांति 2026: महत्व, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
कर्क संक्रांति का पर्व
आज, 16 जुलाई 2026 को, कर्क संक्रांति का पर्व मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व है, क्योंकि सूर्य देव मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करते हैं। इसके साथ ही, दक्षिणायन की शुरुआत भी होती है, जो अगले छह महीनों तक चलती है। इस अवसर पर पूजा-पाठ और स्नान-दान का विशेष महत्व बताया गया है। आइए, कर्क संक्रांति के मुहूर्त, स्नान-दान और इसके महत्व के बारे में विस्तार से जानते हैं...
शुभ मुहूर्त
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, कर्क संक्रांति के दिन स्नान-दान का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने से व्यक्ति के तन और मन की शुद्धि होती है। इसके अलावा, दान करने से जातक के जीवन में नकारात्मकता दूर होती है और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
आज स्नान-दान का शुभ मुहूर्त सुबह 04:12 से 04:53 तक रहेगा। वहीं, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 से 12:59 तक है, जो किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अत्यंत उत्तम माना जाता है।
दान की वस्तुएं
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन जरूरतमंदों को भोजन, अनाज, कपड़े, गुड़ और फल का दान करना शुभ माना जाता है। गाय को हरा चारा खिलाना, पानी देना और पक्षियों को दाना देना भी पुण्यदायी माना जाता है।
पूजन विधि
सुबह जल्दी किसी पवित्र नदी में स्नान करके साफ कपड़े पहनना चाहिए।
यदि पवित्र नदी में स्नान करना संभव न हो, तो नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए।
स्नान के बाद भगवान सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करना चाहिए।
इसके बाद भगवान विष्णु और भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करनी चाहिए।