कार्तिक मास: व्रत और त्योहारों का संपूर्ण कैलेंडर
कार्तिक मास का महत्व
सनातन धर्म में कार्तिक मास को अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे दामोदर मास के नाम से भी जाना जाता है। यह महीना भगवान विष्णु, उनके अवतार श्रीकृष्ण और माता तुलसी की पूजा के लिए समर्पित है।
धार्मिक मान्यता
इस महीने में श्रीहरि और तुलसी की पूजा करने से सुख और समृद्धि में वृद्धि होती है, साथ ही शुभ फल की प्राप्ति होती है।
कार्तिक मास की शुरुआत
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष कार्तिक मास की शुरुआत 27 अक्टूबर से हो रही है। इस दौरान कई पर्व और व्रत मनाए जाते हैं, जैसे धनतेरस, दीवाली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज और छठ पूजा। आइए जानते हैं कि इस माह में कब और कौन-सा व्रत और पर्व मनाया जाएगा।
कार्तिक माह के व्रत और त्योहार का कैलेंडर
- 27 अक्टूबर को मासिक कार्तिगाई है।
- 29 अक्टूबर को करवा चौथ, रोहिणी व्रत और वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य के लिए निर्जला व्रत करती हैं।
- 2 नवंबर को भानु सप्तमी, अहोई अष्टमी, राधा कुंड स्नान, कालाष्टमी और मासिक कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। अहोई अष्टमी का व्रत महिलाएं करती हैं।
- 5 नवंबर को गोवत्स द्वादशी और रमा एकादशी का व्रत होगा।
- 6 नवंबर को रमा एकादशी का पारण होगा, और इसी दिन से धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा।
- 7 नवंबर को काली चौदस, हनुमान पूजा, मासिक शिवरात्रि और छोटी दिवाली मनाई जाएगी।
- 8 नवंबर को नरक चतुर्दशी, दिवाली, काली पूजा और दर्श अमावस्या का पर्व होगा।
- 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा की जाएगी।
- 11 नवंबर को भाई दूज का त्योहार मनाया जाएगा।
- 13 नवंबर को लाभ चतुर्थी है।
- 14 नवंबर को छठ पूजा और स्कंद षष्ठी मनाई जाएगी। छठ पूजा का पहला दिन नहाय-खाय से शुरू होगा।
- 16 नवंबर को खरना होगा।
- 17 नवंबर को छठ पूजा के तीसरे दिन संध्या अर्घ्य देना शुभ होगा।
- 18 नवंबर को छठ पूजा के अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।
- 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी है।
- 21 नवंबर को तुलसी विवाह होगा।
- 22 नवंबर को रवि प्रदोष व्रत है।
- 23 नवंबर को वैकुंठ चतुर्दशी मनाई जाएगी।
- 24 नवंबर को देव दिवाली, गुरु नानक जयंती और कार्तिक पूर्णिमा का पर्व होगा।