गणेश विसर्जन 2026: जानें अनंत चतुर्दशी पर सही विधि और शुभ मुहूर्त
गणेश उत्सव का समापन
नई दिल्ली: आज, 25 सितंबर, शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी का महत्वपूर्ण पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन गणेश उत्सव का समापन होता है और बप्पा को विदाई देने का समय आ जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अनंत चतुर्दशी पर गणपति विसर्जन करना अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। आइए जानते हैं गणेश विसर्जन की सही विधि और इस साल का शुभ मुहूर्त। गणपति बप्पा को विदा करने से पहले उनकी विधिवत पूजा करनी चाहिए। सबसे पहले भगवान गणेश को तिलक लगाकर दूर्वा अर्पित करें। इसके बाद उन्हें फूल-माला चढ़ाएं और घी का दीपक जलाएं।
गणेश जी की पूजा विधि
पूजा में बप्पा को मोदक या उनकी पसंदीदा मिठाई का भोग लगाना न भूलें। इसके बाद परिवार के सभी सदस्य मिलकर गणेश जी की आरती करें और घर-परिवार में सुख-समृद्धि की कामना करते हुए प्रार्थना करें। साथ ही, पूजा के दौरान अनजाने में हुई किसी भूल-चूक के लिए बप्पा से क्षमा भी मांगें।
गणपति का विसर्जन कैसे करें
इस विधि से करें गणपति का विसर्जन
आरती संपन्न होने के बाद पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ गणेश प्रतिमा को उठाएं। "गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ" के जयकारों के साथ विसर्जन स्थल तक ले जाएं। वहां पहुंचकर विसर्जन से ठीक पहले एक बार फिर गणेश जी की आरती करें, उसके बाद ही श्रद्धापूर्वक प्रतिमा का विसर्जन करें। परंपरा के अनुसार, विसर्जन के समय बप्पा के साथ एक छोटी लाल पोटली में चावल, पंचमेवा और मिठाई बांधकर रखी जाती है, ताकि विदाई की इस यात्रा में भगवान के साथ भोजन भी रहे।
गणेश विसर्जन 2026 का शुभ मुहूर्त
जानें गणेश विसर्जन 2026 का शुभ मुहूर्त
अगर आप आज सुबह विसर्जन करना चाहते हैं, तो सुबह 6 बजकर 11 मिनट से 10 बजकर 42 मिनट तक का समय शुभ रहेगा। जो लोग सुबह के समय व्यस्त होने के कारण विसर्जन नहीं कर पाएं, वे दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 1 बजकर 43 मिनट के बीच भी यह कार्य कर सकते हैं।
इसके अलावा शाम 4 बजकर 44 मिनट से 6 बजकर 14 मिनट तक का मुहूर्त भी विसर्जन के लिए उत्तम माना गया है। इन शुभ घड़ियों में श्रद्धा-भाव के साथ बप्पा को विदा करें और उनसे परिवार में सुख-शांति बनाए रखने के साथ अगले वर्ष फिर पधारने की प्रार्थना करें।