गुरु का सिंह राशि में गोचर: जानें क्या होगा आपके राशियों पर असर
गुरु का गोचर और उसकी तिथियाँ
देवगुरु बृहस्पति 31 अक्टूबर 2026 को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे और 25 जनवरी 2027 तक वहीं रहेंगे। इसके बाद, वे उल्टी चाल में चलते हुए कर्क राशि में लौटेंगे। ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास के अनुसार, गुरु 31 अक्टूबर को दोपहर 12:01 बजे सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। इस दौरान गुरु मघा नक्षत्र में भी होंगे। गुरु का यह गोचर लगभग 87 दिनों तक चलेगा, जिसमें कुछ राशियों पर विशेष कृपा बनी रहेगी। सिंह राशि को आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता से जोड़ा जाता है, इसलिए गुरु के इस गोचर से भाग्य और ज्ञान के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की संभावना है।
गुरु और मंगल का संयोग
ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि 12 नवंबर 2026 को मंगल भी सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। दोनों ग्रहों का यह संयोग कुछ राशियों के लिए भाग्य के द्वार खोल सकता है, जिससे करियर, परिवार और मान-सम्मान में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं।
गुरु की अतिचारी चाल
अतिचारी चाल का अर्थ है तेज गति से चलना। जब गुरु अतिचारी होते हैं, तो वे सामान्य से अधिक तेजी से राशि परिवर्तन करते हैं, जिससे जीवन के विभिन्न क्षेत्रों पर प्रभाव पड़ता है। यह स्थिति करियर, पारिवारिक जीवन और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
बृहस्पति और केतु का युति संबंध
वर्तमान में केतु भी सिंह राशि में है, और बृहस्पति के साथ इसका युति संबंध वैज्ञानिक शोध और शैक्षणिक विकास की ओर संकेत कर रहा है। यह स्थिति भविष्य में लाभकारी साबित हो सकती है।
गुरु का 11 साल बाद गोचर
गुरु 11 साल 3 महीने बाद 31 अक्टूबर को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। इससे पहले, वे 14 जुलाई 2015 से 11 अगस्त 2016 तक इसी राशि में थे। इस गोचर का प्रभाव सत्ता, शिक्षा और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
संभावित प्रभाव
इस गोचर के दौरान रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, आय में वृद्धि होगी, और राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। प्राकृतिक घटनाओं जैसे भूकंप, तूफान और बाढ़ की संभावना भी है।
उपाय
गुरु को प्रसन्न करने के लिए प्रतिदिन 'ॐ भगवते वासुदेवाय नमः' का जाप करें। भगवान विष्णु को पीले फल का भोग लगाएं और दान करें। हनुमान जी की आराधना करें और महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करें।
राशियों पर असर
मेष राशि: आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
वृषभ राशि: आर्थिक लाभ की संभावना।
मिथुन राशि: सफलता और पराक्रम में वृद्धि।
कर्क राशि: सामाजिक मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि।
सिंह राशि: लाभकारी गोचर।
कन्या राशि: धनदायक समय।
तुला राशि: नौकरी में उन्नति के अवसर।
वृश्चिक राशि: मानसिक शांति का अनुभव।
धनु राशि: भाग्य का साथ।
मकर राशि: करियर में तरक्की।
कुंभ राशि: संघर्ष का सामना।
मीन राशि: आर्थिक चुनौतियाँ।