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गुरुवार का महत्व: जानें किन कामों से बचना चाहिए और क्या करें

गुरुवार का दिन हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है, जो भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन कुछ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है, जैसे संतान से जुड़े शुभ कार्य, पवित्र वृक्षों की कटाई, और गुरु का अपमान। जानें इस दिन क्या करना शुभ है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
 

गुरुवार का धार्मिक महत्व


नई दिल्ली: हिंदू धर्म में हर दिन का विशेष धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व होता है। इनमें से गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित है, जिसे जगत का पालनहार माना जाता है। इस दिन भक्तजन व्रत रखते हैं और विधिपूर्वक नारायण की पूजा करते हैं।


सनातन परंपराओं के अनुसार, गुरुवार को भगवान विष्णु की आराधना करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार होता है। यह दिन बृहस्पति देव से भी संबंधित है, जिन्हें ज्ञान, धर्म और संतान सुख का कारक माना जाता है। इसलिए, इस दिन कुछ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि ऐसा करने से महापाप लग सकता है। आइए जानते हैं उन छह कार्यों के बारे में, जिन्हें गुरुवार को नहीं करना चाहिए।


गुरुवार का ज्योतिषीय महत्व

गुरुवार का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व


गुरुवार को गुरु ग्रह का दिन माना जाता है। बृहस्पति देव को मार्गदर्शन, संस्कार, शिक्षा और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता है। इस दिन आचरण और व्यवहार में संयम रखने की सलाह दी जाती है।


गुरुवार को न करें ये काम

गुरुवार को न करें ये काम


संतान से जुड़े शुभ कार्य न करें
गुरुवार को संतान से संबंधित कार्य जैसे नामकरण या अन्य संस्कार करने से मना किया गया है। बृहस्पति को संतान सुख का ग्रह माना जाता है, इसलिए इस दिन ऐसे कार्य वर्जित हैं।


पवित्र वृक्षों की कटाई-छंटाई से बचें
गुरुवार को केला, तुलसी और पीपल जैसे पवित्र वृक्षों की कटाई या छंटाई नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से गुरु दोष लग सकता है और शुभ फल बाधित हो सकते हैं।


बाल, दाढ़ी और नाखून न कटवाएं
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुरुवार को बाल, दाढ़ी या नाखून काटना निषिद्ध है। इससे गुरु की शक्ति कमजोर हो सकती है, जिससे शिक्षा और नौकरी से जुड़ी परेशानियां आ सकती हैं।


कुछ वस्तुओं की खरीदारी न करें
गुरुवार को पीले रंग के कपड़े, झाड़ू और स्टील के बर्तन खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से आय प्रभावित हो सकती है और घर में दरिद्रता आ सकती है।


क्रोध और गृह कलह से दूर रहें
विवाहित लोगों को गुरुवार को संयम रखने की सलाह दी जाती है। इस दिन क्रोध करने या घर में कलह होने से दांपत्य जीवन में तनाव बढ़ सकता है।


गुरु और बुजुर्गों का अपमान न करें
गुरुवार को गुरु, वरिष्ठ परिजनों या वृद्ध व्यक्तियों के प्रति कटु वचन कहना या उनका अपमान करना वर्जित है। ऐसा करने से कुंडली में गुरु कमजोर हो सकते हैं और जीवन में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं.


गुरुवार को क्या करें

गुरुवार को क्या करें


मान्यताओं के अनुसार, गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा, पीले वस्त्र पहनना, जरूरतमंदों को दान देना और बृहस्पति मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। इससे गुरु ग्रह मजबूत होता है और जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है।