ग्रेटर नोएडा में भगवान शिव का प्राचीन मंदिर: सावन में विशेष महत्व
ग्रेटर नोएडा में स्थित प्राचीन शिव मंदिर सावन के महीने में भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। यह मंदिर बिसरख गांव में है, जिसे रावण का जन्मस्थान माना जाता है। यहाँ भक्त शिवलिंग की पूजा कर सकते हैं और अन्य देवताओं की प्रतिमाएँ भी देख सकते हैं। जानें इस मंदिर की विशेषताएँ और यहाँ पहुँचने के तरीके के बारे में।
Jul 31, 2026, 18:15 IST
सावन का महीना और भगवान शिव
सावन का महीना भगवान शिव के लिए अत्यंत प्रिय माना जाता है। श्रावण मास को पवित्रता का प्रतीक माना जाता है, जिसमें भक्त व्रत और पूजा-अर्चना करते हैं। इस दौरान श्रद्धालु भगवान शिव के मंदिरों में दर्शन के लिए अवश्य जाते हैं। यदि आप दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में रहते हैं, तो नोएडा के इस मंदिर का दौरा अवश्य करें।
ग्रेटर नोएडा में शिव मंदिर का स्थान
ग्रेटर नोएडा में एक प्रसिद्ध प्राचीन शिव मंदिर है, जिसे सावन के महीने में भक्तों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। आइए जानते हैं यह मंदिर कहाँ स्थित है और इसकी विशेषताएँ क्या हैं?
भोलेनाथ का खास मंदिर कहाँ है?
यह मंदिर ग्रेटर नोएडा के बिसरख गांव में स्थित है। इसे प्राचीन शिव मंदिर के नाम से जाना जाता है और इसका संबंध रावण से जोड़ा जाता है। बिसरख गांव को रावण का जन्मस्थान माना जाता है। वाल्मीकि रामायण के अनुसार, रावण के पिता ऋषि विश्रवा और माता कैकेसी का आश्रम इसी गांव में था। इस कारण से यह मंदिर शिव पूजा के लिए विशेष माना जाता है, क्योंकि रावण भगवान शिव के सबसे बड़े भक्तों में से एक थे।
प्राचीन शिव मंदिर की स्थिति
यह मंदिर ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख जलालपुर गांव में सेक्टर-1 में स्थित है। यहाँ पहुँचने का रास्ता आसान है। आइए जानते हैं कैसे यहाँ पहुँचा जा सकता है:
कैसे पहुँचें?
- यदि आप दिल्ली से आ रहे हैं, तो नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे या NH-9 के माध्यम से यहाँ पहुँच सकते हैं। यहाँ पहुँचने में लगभग 1 से 1.5 घंटे का समय लगेगा।
- नोएडा से आने के लिए, आप सेक्टर 62, सेक्टर 71 या गौर सिटी से कैब या ऑटो ले सकते हैं। यदि आप मेट्रो से यात्रा करना चाहती हैं, तो आप 52 या 59 मेट्रो स्टेशन पर उतरकर ऑटो ले सकती हैं।
- सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन नोएडा सेक्टर 52 है। यहाँ से ऑटो या कैब लेकर बिसरख गांव पहुँच सकते हैं, जो लगभग 11 किमी दूर है। इसमें 30 से 45 मिनट का समय लग सकता है।
प्राचीन शिव मंदिर की विशेष जानकारी
इस मंदिर में आपको प्राचीन शिवलिंग पर चढ़ाने का अवसर मिलेगा। सावन के दौरान यहाँ अधिक भीड़ होती है, इसलिए सुबह आने वाले भक्तों को ध्यान रखना चाहिए। इस मंदिर में शिव परिवार की प्रतिमाओं के साथ-साथ अन्य देवताओं की प्रतिमाएँ भी देखने को मिलेंगी।
- मंदिर सुबह 5 बजे से 12 बजे तक खुला रहता है।
- शाम को 4 बजे से रात 9 बजे तक आप यहाँ दर्शन कर सकते हैं।