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चंद्र ग्रहण के दौरान राशियों के लिए दान और मंत्र

03 फरवरी 2026 को होने वाले चंद्र ग्रहण का प्रभाव विभिन्न राशियों पर पड़ेगा। इस अवसर पर दान-पुण्य करने से नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है। जानें कि किस राशि के जातकों को क्या दान करना चाहिए और कौन से मंत्रों का जाप करना लाभकारी रहेगा। इस लेख में सभी 12 राशियों के लिए विशेष जानकारी दी गई है, जिससे आप ग्रहण के दौरान सही उपाय कर सकें।
 

चंद्र ग्रहण का प्रभाव और दान का महत्व

03 फरवरी 2026 को होने वाले चंद्र ग्रहण का असर विभिन्न राशियों पर पड़ेगा। इसी दिन होलिका दहन भी मनाया गया है। इस अवसर पर ग्रहण के दौरान राशि के अनुसार दान-पुण्य करना आवश्यक है, ताकि नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सके और सकारात्मकता में वृद्धि हो सके। ग्रहण का प्रभाव न केवल जड़-चेतन पर, बल्कि हर व्यक्ति की राशि पर भी देखा जा सकता है। इस लेख में हम जानेंगे कि ग्रहण के नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए सभी 12 राशियों को क्या दान करना चाहिए।


दान से ग्रहण के अशुभ प्रभावों से मुक्ति

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, ग्रहण के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए गायत्री मंत्र का जाप और दान करना चाहिए। ग्रहण काल में या इसके बाद किया गया दान विशेष फलदायी माना जाता है। अपनी राशि के अनुसार ग्रहों का जाप और मानसिक जप करना चाहिए। यदि आप विशेष मंत्रों का जाप नहीं कर सकते, तो इस समय राम नाम का जाप करना लाभकारी होता है।


मेष राशि

मेष राशि के जातकों को गुड़, तांबा, लाल वस्त्र और लाल मसूर की दाल का दान करना चाहिए। साथ ही, मंगल के मंत्रों का जाप करना चाहिए।


वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों को सफेद चमकदार वस्त्र, कपूर और चावल का दान करना चाहिए। इस दौरान शुक्र के मंत्रों का जाप करना चाहिए।


मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों को हरी सब्जी और हरी मूंग की दाल का दान करना चाहिए। इस समय भगवान गणेश और बुध के मंत्रों का जाप करना चाहिए।


कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों को दूध, दही, चीनी, सफेद वस्त्र और चांदी का दान देना चाहिए। महामृत्युंजय और चंद्रमा के मंत्रों का जाप करना चाहिए।


सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को लाल वस्त्र, सोना, सेब और गेहूं का दान करना चाहिए। ग्रहण काल में सूर्य मंत्रों और आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करना चाहिए।


कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों को छोटी हरी इलायची और कांसे के बर्तनों का दान करना चाहिए। इन लोगों को ग्रहण के समय भगवान गणेश और बुध के मंत्रों का जाप करना चाहिए।


तुला राशि

तुला राशि के जातकों को कपूर, सुगंधित अगरबत्ती और इत्र का दान देना चाहिए। लक्ष्मी और शुक्र के मंत्रों का जाप करना चाहिए।


वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों को लाल चंदन और लाल वस्त्र का दान करना चाहिए। चंद्र ग्रहण के समय मंगल स्त्रोत और सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए।


धनु राशि

धनु राशि के जातकों को चने की दाल, केसर और हल्दी का दान करना चाहिए। गुरु मंत्रों का जाप करना चाहिए।


मकर राशि

मकर राशि के जातकों को काला तिल और काली उड़द की दाल का दान करना चाहिए। ग्रहण काल में शिव और भैरव के मंत्रों का जाप करना चाहिए।


कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों को काले चने, सरसों का तेल और काले वस्त्रों का दान करना चाहिए। ग्रहण काल के दौरान शिव चालीसा और शिवाष्टक का पाठ करना चाहिए।


मीन राशि

मीन राशि के जातकों को अरहर की दाल, पीले वस्त्र और केला का दान करना चाहिए। चंद्र ग्रहण के दौरान गुरु गीता और गुरु मंत्रों का जाप करना चाहिए।