जालंधर में ‘वंदे मातरम् एवं साहित्य संगोष्ठी’ का आयोजन
साहित्य संगोष्ठी का आयोजन
जालंधर - अखिल भारतीय साहित्य परिषद की जालंधर शाखा ने जालंधर कुंज में ‘वंदे मातरम् एवं साहित्य संगोष्ठी’ का आयोजन किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर के हिंदी विभाग के प्रमुख और डीन भाषाएं प्रो. डॉ. सुनील कुमार ने की। इस अवसर पर साहित्यकार, शिक्षाविद, पत्रकार और साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।
प्रो. डॉ. सुनील कुमार ने ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व और भारतीय राष्ट्रीय चेतना में इसकी भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने इसे स्वतंत्रता की भावना, सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्र प्रेम का एक महत्वपूर्ण प्रतीक बताया।
प्रो. रेखा कालिया भारद्वाज ने विद्या भारती की शैक्षिक और सांस्कृतिक भूमिका पर प्रकाश डाला, जबकि सरला भारद्वाज ने संस्कृत साहित्य की परंपरा पर विचार प्रस्तुत किए। वीणा विज ने ‘वंदे मातरम्’ में निहित राष्ट्र प्रेम के भावों पर अपने विचार साझा किए। वरिष्ठ आलोचक तरसेम गुजराल और साहित्यकार एवं पत्रकार सिमर सदोष ने साहित्य और समाज के बीच के संबंध और राष्ट्रीय साहित्य की भूमिका पर चर्चा की। डॉ. ज्योति शर्मा, डॉ. नीलू शर्मा, डॉ. दीपक शर्मा, ज्योति गोगिया, रमण शर्मा, दिलीप पांडेय और रितेश ने भी अपने विचार रखे। अमृतसर से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संयोजक मुकेश ने परिषद की गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी, साथ ही युवाओं को भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृति से जोड़ने पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने किया।