ज्येष्ठ मास में अधिकमास: भगवान विष्णु की आराधना का महत्व
इस वर्ष ज्येष्ठ मास में अधिकमास का विशेष संयोग बन रहा है, जिसमें भगवान विष्णु की आराधना का महत्व है। इस दौरान विभिन्न राशियों के अनुसार मंत्रों का जाप करने से साधक को विशेष फल की प्राप्ति होती है। जानें किस राशि के लिए कौन सा मंत्र है और इस अवधि में क्या करना चाहिए और क्या नहीं। अधिकमास में पूजा-पाठ और दान का महत्व जानकर आप अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
May 13, 2026, 17:21 IST
अधिकमास का महत्व
इस वर्ष ज्येष्ठ महीने में अधिकमास का एक विशेष संयोग बन रहा है। हिंदू धर्म में इसे पुरुषोत्तम मास कहा जाता है, जिसमें भगवान विष्णु की पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस समय श्री विष्णु के मंत्रों का जाप करने से साधक को 100 गुना अधिक फल की प्राप्ति होती है।
ज्येष्ठ मलमास की अवधि
ज्येष्ठ मलमास (अधिकमास) 17 मई से 15 जून तक रहेगा। इस दौरान आप भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए अपनी राशि के अनुसार मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
राशि अनुसार दान और मंत्र
राशि अनुसार करें ये दान
- मेष राशि- इस समय में आप ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीनारायणाय नम: मंत्र का जाप करें। इससे भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं।
- वृषभ राशि- इन लोगों को पुरुषोत्तम मास में ॐ गोपालाय उत्तरध्वजाय नम: मंत्र का जाप करना चाहिए।
- मिथुन राशि- अधिकमास के दौरान मिथुन राशि के जातक ॐ क्लीं कृष्णाय नम: मंत्र का जाप करें।
- कर्क राशि- इस राशि के लोग ॐ ह्रीं हिरण्यगर्भाय अव्यक्तरूपिणे नम: मंत्र का जाप करें, इससे आपको लाभ होगा।
- सिंह राशि- इन लोगों को ॐ क्लीं ब्राह्मणे जगदाधाराय नम: मंत्र का जाप करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होगी।
- कन्या राशि- पुरुषोत्तम मास में ॐ पीं पिताम्बराय नम: मंत्र का जाप करने से आपको कई गुना लाभ मिलेगा।
- तुला राशि- इस राशि के जातकों को ॐ तत्वनिरंजनाय तारक रामाय नम: मंत्र का जाप करना चाहिए।
- वृश्चिक राशि- अधिकमास में वृश्चिक राशि के जातकों को ॐ नारायणाय सूरसिंहाय नम: मंत्र का जाप करना शुभ रहेगा।
- धनु राशि- इस राशि के जातक ॐ श्रीं देवकृष्णाय ऊर्ध्वजाय नम: मंत्र का जाप करें, इससे भगवान श्री विष्णु प्रसन्न रहेंगे।
- मकर राशि- अधिकमास में मकर राशि के लोगों को ॐ श्रीं वत्सलाय नम: मंत्र का जाप करना चाहिए।
- कुंभ राशि- आपको इस समय ॐ श्रीं उपेन्द्राय अच्युताय नमः मंत्र का जाप करना चाहिए। यह आपके लिए शुभ होगा।
- मीन राशि- मीन राशि के लोगों को अधिकमास में भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए ॐ क्लीं उद्धृताय उद्धारिणे नम: मंत्र का जाप करना चाहिए।
क्या करें और क्या नहीं करें
क्या करें और क्या नहीं करें
- अधिकमास में "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" या विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ और सत्यनारायण व्रत कथा सुनना लाभकारी होगा।
- इस मास में भगवान विष्णु के समक्ष शुद्ध देसी घी का दीपक जलाएं।
- इस अवधि में श्रीमद्भागवत महापुराण और भगवद्गीता का नियमित पाठ करें या सुनें।
- गरीबों और जरुरतमंदों को वस्त्र, फल, अन्न, जल से भरे घड़े आदि का दान करें।
- बता दें कि मलमास में विवाह, सगाई, मुंडन, जनेऊ संस्कार, नए घर का गृह प्रवेश और वास्तु पूजा जैसे शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
- इस दौरान मांस, मदिरा, प्याज, लहसुन, नशीले पदार्थ और बासी भोजन से बचें। केवल शुद्ध और सात्विक भोजन करें।
- मलमास में किसी नए व्रत का संकल्प या शुरुआत करना शुभ नहीं होता है।