तरनतारन में सरपंच हत्या मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया
तरनतारन में सरपंच की हत्या का मामला
तरनतारन: पंजाब के तरनतारन में स्थित सिद्धू फार्म में हाल ही में गांव ठट्ठियां महंतां के सरपंच हरबरिंदर सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। तरनतारन पुलिस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान इस हत्या में शामिल दो मुख्य संदिग्धों को एनकाउंटर के बाद पकड़ लिया है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें सुरक्षा के साथ तरनतारन के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
नाकेबंदी के दौरान फायरिंग का मामला
तरनतारन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुरिंदर लांबा ने इस मुठभेड़ के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सरपंच की हत्या के बाद से थाना सरहाली पुलिस और एजीटीएफ की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही थीं। इसी दौरान, जब पुलिस टीम गांव नौशहरा पन्नुआं के पास गश्त कर रही थी, तो मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन आरोपियों ने भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में दो आरोपी घायल
बदमाशों की अचानक फायरिंग के बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस गोलीबारी में एक आरोपी की टांग और दूसरे के घुटने में गोली लगी, जिससे वे मौके पर गिर पड़े। पुलिस ने तत्परता से दोनों को पकड़ लिया। प्रारंभिक जांच में इन आरोपियों के नाम चोहला साहिब निवासी शरणप्रीत सिंह और हरदीप सिंह सामने आए हैं। एसएसपी के अनुसार, सरपंच की हत्या के समय फायरिंग करने वाले चार शूटरों में शरणप्रीत मुख्य आरोपी था।
अस्पताल में इलाज और साजिश का पर्दाफाश
वर्तमान में, पुलिस ने दोनों घायल आरोपियों को तरनतारन के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरपंच की हत्या एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद पुलिस इन्हें रिमांड पर लेगी और इस मामले में गहन पूछताछ की जाएगी। इस पूछताछ के दौरान अन्य संदिग्धों, हथियार सप्लाई करने वालों और इस वारदात के पीछे की असली वजह का खुलासा होने की संभावना है।