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नौतपा के दौरान पालन करने योग्य महत्वपूर्ण नियम

नौतपा, जो हिंदू धर्म में महत्वपूर्ण माना जाता है, सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने के साथ शुरू होता है। यह 9 दिनों का समय है जब सूर्य देव की प्रचंडता बढ़ जाती है। इस दौरान कुछ महत्वपूर्ण नियमों का पालन करना आवश्यक है, जैसे सूर्य को जल देना, पानी की बर्बादी से बचना, और तामसिक भोजन से दूर रहना। जानें इन नियमों का महत्व और कैसे ये आपके जीवन में सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।
 

नौतपा का महत्व

हिंदू धर्म में नौतपा का एक विशेष स्थान है। ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब साल के सबसे गर्म 9 दिनों की शुरुआत होती है, जिसे 'नौतपा' कहा जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष नौतपा 25 मई 2026 से शुरू होकर 2 जून 2026 तक चलेगा। धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि इस अवधि में सूर्य देव अपनी प्रचंडता में होते हैं, और इस दौरान प्रकृति और मानव शरीर के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।


चंद्रमा और सूर्य का संबंध

ज्योतिषियों के अनुसार, चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र का स्वामी है, जो ठंडक का प्रतीक है। जब सूर्य इस नक्षत्र में प्रवेश करता है, तो वह चंद्रमा की ठंडक को अवशोषित कर लेता है, जिससे पृथ्वी का तापमान बढ़ जाता है। धार्मिक ग्रंथों में नौतपा के दौरान 9 महत्वपूर्ण वर्जित नियमों का उल्लेख है, जिनका पालन हर व्यक्ति को करना चाहिए।


नौतपा के नियम

सू्र्य को जल दें: हिंदू धर्म में सूर्य देव की पूजा और जल अर्पित करना शुभ माना जाता है। नौतपा के दिनों में सुबह तांबे के लोटे से सूर्य को जल देना लाभकारी होता है, जिससे सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।


पानी की बर्बादी न करें: नौतपा के दिनों में गर्मी से पानी की अहमियत बढ़ जाती है। इन 9 दिनों में पानी को बेकार बहाना पाप माना जाता है। इसलिए प्याऊ लगवाना और पक्षियों के लिए पानी रखना पुण्य कार्य है।


दोपहर में धूप से बचें: नौतपा में गर्मी इतनी बढ़ जाती है कि शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है। इसलिए, दोपहर की तेज धूप में बाहर नहीं निकलना चाहिए।


पेड़-पौधों को नुकसान न पहुंचाएं: इस दौरान पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाना शुभ नहीं माना जाता। पर्यावरण की रक्षा करना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।


मिट्टी के घड़े का पानी पिएं: पहले लोग मिट्टी के घड़े का पानी पीते थे, जो सेहत के लिए लाभकारी होता है।


तामसिक भोजन से बचें: नौतपा के दौरान मांस, मदिरा और तामसिक भोजन से दूर रहना चाहिए।


जल दान करें: नौतपा में जल दान सबसे बड़ा पुण्य कार्य माना जाता है।


गहरे रंग के कपड़े न पहनें: इन दिनों गहरे रंग के कपड़े पहनने से बचें। हल्के रंग के कपड़े पहनना बेहतर है।


पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी रखें: पक्षियों और पशुओं की सेवा करना पुण्य कार्य है।