बुध ग्रह की वक्री चाल: जानें किन राशियों पर पड़ेगा असर
बुध ग्रह का गोचर और वक्री अवस्था
इस समय बुध ग्रह कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं। 26 फरवरी 2026 को यह ग्रह वक्री अवस्था में प्रवेश करेगा और 21 मार्च 2026 तक इसी स्थिति में रहेगा। ज्योतिष में बुध को बुद्धि, तर्क, संवाद और व्यापार का प्रतीक माना जाता है। जब बुध वक्री होता है, तो यह व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता, अध्ययन, करियर और संचार में बाधाएं उत्पन्न कर सकता है। कुछ राशियों को इस अवधि में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
कर्क राशि पर प्रभाव
कर्क राशि के जातकों के लिए बुध की वक्री चाल समस्याएं उत्पन्न कर सकती है। कार्यक्षेत्र में उतार-चढ़ाव संभव है, इसलिए हर कार्य को ध्यानपूर्वक करें। छोटी सी गलती भी आलोचना का कारण बन सकती है। विद्यार्थियों का ध्यान पढ़ाई से भटक सकता है, जिससे एकाग्रता में कमी आ सकती है। इस समय बिना सोचे-समझे कोई बड़ा निर्णय न लें और स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
कन्या राशि के लिए संकेत
कन्या राशि के जातकों के जीवन में बदलाव संभव है। कुछ लोगों का ट्रांसफर अनचाही जगह पर हो सकता है। करियर में परिस्थितियां थोड़ी भिन्न रह सकती हैं, लेकिन धैर्य और मेहनत से स्थिति में सुधार होगा। विदेश में शिक्षा लेने की योजना बना रहे लोगों को कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह न रहें।
मकर राशि के जातकों के लिए सलाह
मकर राशि के लिए बुध का वक्री होना वाणी में सावधानी बरतने का संकेत है। बोलचाल में संयम रखना आवश्यक है, क्योंकि असावधानी से कहे गए शब्द कार्य और पारिवारिक जीवन में विवाद उत्पन्न कर सकते हैं। अपने करीबी लोग भी आपसे नाराज हो सकते हैं, इसलिए सोच-समझकर बोलें। पढ़ाई में लापरवाही न करें और गलत संगति से बचें। गले और कान से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं, इसलिए स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
मीन राशि पर प्रभाव
मीन राशि के लिए बुध का वक्री होना खर्च और हानि से जुड़े मामलों में सावधानी का संकेत है। बिना जांच-पड़ताल किसी भी निवेश से बचें। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। संतान की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। कुछ लोगों को प्रमोशन मिल सकता है, जिससे मन में निराशा आ सकती है। अपनी सेहत पर ध्यान दें।
बुध वक्री के दौरान उपाय
- भोजन में थोड़ी मात्रा में केसर का सेवन करना शुभ माना जाता है।
- भगवान गणेश की नियमित पूजा करें।
- गाय को हरा चारा खिलाएं।
- बुध से जुड़े मंत्रों का जप करें।
- इन उपायों को श्रद्धा और नियमितता से करने से बुध की वक्री अवस्था के नकारात्मक प्रभाव कम होंगे।