बैंकॉक के वाट अरुण में पारंपरिक थाई कपड़ों में फोटोशूट का नया ट्रेंड
वाट अरुण: बैंकॉक का ऐतिहासिक स्थल
नई दिल्ली: बैंकॉक की पहचान केवल आधुनिक इमारतों और स्ट्रीट फूड तक सीमित नहीं है। इस शहर में कई ऐतिहासिक स्थल भी हैं, जो पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, जिनमें से एक प्रमुख स्थल है वाट अरुण। यह मंदिर चाओ फ्राया नदी के किनारे स्थित है और इसकी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। हाल ही में, यह एक नए कारण से चर्चा में है, जो सोशल मीडिया और ट्रैवल फोटोग्राफी से संबंधित है। यहां आने वाले कुछ पर्यटक पारंपरिक थाई कपड़े किराए पर लेकर तस्वीरें खिंचवाते हैं।
सूर्या का अनुभव और वीडियो
कंटेंट क्रिएटर सूर्या ने अपने वीडियो में इस अनुभव को साझा किया। उन्होंने पारंपरिक पोशाक और आभूषण पहनकर कैमरे के सामने तस्वीरें खिंचवाईं। उनके वीडियो ने इस अनोखे ट्रैवल अनुभव की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। हालांकि, सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इसकी कीमत और अनुभव के बारे में विभिन्न टिप्पणियां कीं।
पारंपरिक कपड़ों में फोटोशूट का चलन
सूर्या ने बताया कि वाट अरुण में आने वाले लोग पारंपरिक थाई कपड़े पहनकर फोटोशूट कराते हैं। वीडियो में वह खुद भी पारंपरिक कपड़ों और गहनों में नजर आईं। उन्होंने मंदिर परिसर में विभिन्न पोज दिए और कहा कि इस स्थान का माहौल और पहनावा इसे सामान्य पर्यटन से अलग बनाता है।
ड्रेस पैकेज की उपलब्धता
सूर्या के अनुसार, मंदिर के बाहर पारंपरिक थाई कपड़े किराए पर उपलब्ध हैं। यहां ऐसे पैकेज भी हैं, जिनमें सिर से पैर तक तैयार होने की सुविधा मिलती है। उन्होंने अपने वीडियो में इस प्रक्रिया को भी दर्शाया। कुछ पैकेज में मंदिर के अंदर फोटोशूट शामिल होने की जानकारी भी दी गई है, लेकिन यह ध्यान रखना आवश्यक है कि वीडियो में बताई गई सुविधाएं और कीमतें बदल सकती हैं।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
वीडियो के सामने आने के बाद, सोशल मीडिया यूजर्स ने सूर्या के लुक और अनुभव पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ ने उनकी पारंपरिक पोशाक की प्रशंसा की, जबकि एक यूजर ने बताया कि वह भी वहां गया था, लेकिन गर्मी के कारण पारंपरिक कपड़े नहीं पहन पाया। एक अन्य यूजर ने कहा कि उसके फोटोशूट पर 1300 भाट खर्च हुए थे। इस तरह के अनुभवों पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
धार्मिक पहचान और खूबसूरती
फोटोशूट की चर्चा के बीच, एक यूजर ने यह भी कहा कि फैशन से परे, वाट अरुण बैंकॉक के खूबसूरत मंदिरों में से एक है। इसकी लोकप्रियता बढ़ने के बावजूद, इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान भी महत्वपूर्ण है। यह स्थान पर्यटकों को थाई संस्कृति और वास्तुकला को करीब से देखने का अवसर प्रदान करता है। इसलिए, यहां होने वाले फोटोशूट को मंदिर की धार्मिक पहचान से अलग एक पर्यटन अनुभव के रूप में देखना आवश्यक है।