×

मंगला गौरी व्रत: विवाह में रुकावट दूर करने के उपाय और शुभ मुहूर्त

श्रावण मास में मंगला गौरी व्रत का विशेष महत्व है, खासकर विवाहित महिलाओं के लिए। इस लेख में जानें तीसरे मंगला गौरी व्रत का शुभ मुहूर्त, विवाह में रुकावट दूर करने के उपाय और मंगल दोष से राहत पाने के लिए मंत्र जाप। यह जानकारी आपको इस पावन अवसर का सही तरीके से पालन करने में मदद करेगी।
 

मंगला गौरी व्रत का महत्व

श्रावण मास को भगवान शिव की पूजा का विशेष समय माना जाता है। इस पावन महीने में आने वाले मंगलवार देवी शक्ति की साधना के लिए भी महत्वपूर्ण होते हैं। सावन के हर मंगलवार को विवाहित महिलाएं पति के सुख, अखंड सौभाग्य और उनके स्वास्थ्य के लिए मंगला गौरी व्रत करती हैं। वहीं, कुंवारी कन्याएं भी अपने मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए इस व्रत का पालन कर सकती हैं।


तीसरे मंगला गौरी व्रत का शुभ मुहूर्त

तीसरे मंगला गौरी व्रत के लिए शुभ मुहूर्त जानें:


- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से 12:56 बजे तक


- अमृत काल: रात 09:18 बजे से 11:01 बजे तक


- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:32 बजे से 05:20 बजे तक


विवाह में रुकावट दूर करने के उपाय

क्या आपके विवाह में देरी हो रही है? मंगला गौरी व्रत के दिन मां गौरी की विधिपूर्वक पूजा करें। इस दिन 16 श्रृंगार की सामग्री मां को अर्पित करें और 'ॐ गौरीशंकराय नमः' मंत्र का 21 या 108 बार जाप करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना की जा सकती है।


इसके अलावा, आप अपने घर पर 5 या 7 कन्याओं को आमंत्रित कर उन्हें प्रेमपूर्वक भोजन कराएं। भोजन के बाद उन्हें चूड़ी, बिंदी, फल आदि भेंट करें। माना जाता है कि कन्या पूजन से देवी शक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।


मंगल दोष से राहत पाने के उपाय

मंगल ग्रह साहस, ऊर्जा और भूमि से संबंधित माना जाता है। यदि कुंडली में मंगल की स्थिति प्रतिकूल है, तो मंगला गौरी व्रत के दिन देवी की पूजा के साथ मंगल से जुड़े उपाय किए जाते हैं।


इसलिए, आप तीसरे मंगलवार को दक्षिण दिशा में नीम का पौधा लगाएं। यदि पौधा लगाना संभव न हो, तो नीम के पेड़ की श्रद्धापूर्वक पूजा करें और सुबह और शाम उसके नीचे दीपक जलाएं। यह मान्यता है कि इससे मंगल से संबंधित अशुभ प्रभावों को शांत किया जा सकता है।


मंगल ग्रह की शांति के लिए मंत्र जाप

इस दिन आप मंगल ग्रह की शांति के लिए निम्नलिखित मंत्रों में से किसी एक का जाप कर सकते हैं:


'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः'


या


'ॐ अं अंगारकाय नमः'


इसके अलावा, लाल मसूर की दाल, गुड़, तांबे की वस्तु या लाल रंग के वस्त्र का दान करें। इन उपायों से मंगल ग्रह शांत होगा और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी। भूमि विवाद या कानूनी मामलों में भी अनुकूल परिणाम की प्रार्थना की जा सकती है।