यम दीपक जलाने का सही दिन: जानें तिथि और शुभ मुहूर्त
यम दीपक का महत्व
दिवाली का पर्व पांच दिनों तक मनाया जाता है, जिसमें धनतेरस से लेकर भाई दूज तक का उत्सव शामिल होता है। इस दौरान एक विशेष दिन यम के नाम का दीपक जलाया जाता है, जिसे यम दीपम या यम का दीया कहा जाता है। मान्यता है कि इस दीपक को जलाने से मृत्यु के देवता यमराज प्रसन्न होते हैं, जिससे परिवार में अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है। इस साल यह दीपक किस दिन जलाना है, यह जानना आवश्यक है।
पंचांग के अनुसार तिथि
स्कंद पुराण के अनुसार, हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को यम के लिए दीपक जलाना चाहिए। इस वर्ष, कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी 6 नवंबर, शुक्रवार को सुबह 10:30 बजे से शुरू होगी और यह 7 नवंबर, शनिवार को सुबह 10:47 बजे तक मान्य रहेगी।
उदयातिथि और दीपक जलाने का दिन
हालांकि उदयातिथि के अनुसार त्रयोदशी 7 नवंबर को है, लेकिन यम का दीपक त्रयोदशी के प्रदोष काल में जलाया जाता है। इसलिए इसे 6 नवंबर को जलाने का निर्णय लिया गया है। उस दिन सूर्योदय सुबह 6:37 बजे और सूर्यास्त शाम 5:33 बजे होगा, जिसके बाद प्रदोष काल शुरू होगा।
शुभ मुहूर्त
6 नवंबर को यम दीपक के लिए 1 घंटा 18 मिनट का शुभ मुहूर्त मिलेगा। आप शाम 5:33 बजे से 6:51 बजे के बीच दीपक जला सकते हैं। समय सीमित है, इसलिए दीपक, तेल और बाती पहले से तैयार रखना बेहतर होगा।
दीपक रखने की विधि
शुभ मुहूर्त में मिट्टी का दीपक लें और उसमें तिल या सरसों का तेल डालें। रूई की बाती बनाकर उसमें रखें और फिर दीपक जलाएं। यह दीपक यमराज के लिए जलाया जाता है और इसे घर के बाहर दक्षिण दिशा में रखना चाहिए, क्योंकि यह यमराज की दिशा मानी जाती है।
अन्य शुभ और अशुभ समय
6 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:43 बजे से 12:26 बजे तक रहेगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:52 बजे से 5:44 बजे और निशिता मुहूर्त रात 11:39 बजे से 12:31 बजे तक है। राहुकाल सुबह 10:43 बजे से 12:05 बजे और यमगण्ड दोपहर 2:49 बजे से 4:11 बजे तक रहेगा।