रक्षाबंधन 2026: ज्योतिषीय संयोग और शुभ मुहूर्त
रक्षाबंधन का महत्व
रक्षाबंधन एक ऐसा पवित्र त्योहार है जो भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास और सुरक्षा का प्रतीक है। यह त्योहार सावन की पूर्णिमा को मनाया जाता है, और बहनें इस दिन अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और समृद्धि की कामना करती हैं। भाई भी अपनी बहनों की रक्षा का वचन लेते हैं।
इस साल का रक्षाबंधन विशेष
इस बार रक्षाबंधन का पर्व कई कारणों से खास है। ज्योतिषियों के अनुसार, लगभग 70 वर्षों बाद ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति ऐसी बन रही है, जिसे शुभ माना जा रहा है। इस दौरान बहनों द्वारा राखी बांधना भाइयों के लिए लाभकारी रहेगा।
28 अगस्त को होगा रक्षाबंधन
ज्योतिषियों के अनुसार, इस वर्ष रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। पिछले कुछ वर्षों में भद्रा के कारण राखी बांधने का समय लेकर लोगों में असमंजस रहता था। लेकिन इस बार भद्रा सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगी, जिससे पूरे दिन राखी बांधने का उचित समय मिलेगा।
इस दिन शतभिषा नक्षत्र और अतिगंड योग का संयोग भी बनेगा, साथ ही चंद्रमा शनि की राशि कुंभ में रहेगा। इन ज्योतिषीय स्थितियों के कारण इस बार का रक्षाबंधन विशेष महत्व रखता है।
राखी बांधने के शुभ मुहूर्त
28 अगस्त को पूरे दिन राखी बांधने का अवसर रहेगा, लेकिन ज्योतिषियों ने तीन विशेष शुभ मुहूर्त बताए हैं। पहला मुहूर्त सुबह 6:36 से 9:45 बजे तक, दूसरा 12:03 से 12:53 बजे तक, और तीसरा शाम 7:43 से रात 9:30 बजे तक है।
मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में राखी बांधने से भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम और विश्वास बढ़ता है। हालांकि, सुबह 10:54 से दोपहर 12:02 बजे तक राहुकाल रहेगा, जिसमें शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।