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राजस्थान में रिफाइनरी में आग लगने से मोदी का उद्घाटन कार्यक्रम स्थगित

राजस्थान के बाड़मेर जिले में एचआरआरएल रिफाइनरी में आग लगने की घटना के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उद्घाटन कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। मंत्रालय ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और नई उद्घाटन तिथि जल्द घोषित की जाएगी। यह रिफाइनरी भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
 

रिफाइनरी में आग लगने की घटना

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोमवार को जानकारी दी कि एचआरआरएल रिफाइनरी के क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (सीडीयू) में आग लगने के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 21 अप्रैल 2026 को होने वाले उद्घाटन समारोह को फिलहाल टाल दिया गया है। मंत्रालय ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है और किसी भी प्रकार के हताहत होने की सूचना नहीं है। 


मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि इस घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। उद्घाटन के लिए नई तिथि जल्द ही घोषित की जाएगी।


सूत्रों के अनुसार, सोमवार को राजस्थान के बाड़मेर जिले में पचपदरा रिफाइनरी में अचानक आग लग गई, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। यह घटना उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले हुई, जिससे अधिकारियों में चिंता बढ़ गई, क्योंकि रिफाइनरी कार्यक्रम स्थल से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।


प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, आग बुझाने के लिए लगभग 20 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। इमरजेंसी टीमों और रिफाइनरी के कर्मचारियों ने मिलकर इनबिल्ट सिस्टम की मदद से आग पर काबू पाया। पुलिस कंट्रोल रूम के अधिकारियों के अनुसार, लगातार प्रयासों के बाद स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में आ गई।


मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने इस घटना को 'मामूली' बताया और कहा कि आग को सफलतापूर्वक बुझा दिया गया है। यह घटना उस समय हुई, जब राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा उद्घाटन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए वहां पहुंचने वाले थे।


हालांकि, इस घटना से किसी बड़े नुकसान या बाधा की सूचना नहीं है, लेकिन आग लगने के सही कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और जांच जारी है।


यह रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स भारत की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। यह परियोजना हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और राजस्थान सरकार के संयुक्त उद्यम के रूप में विकसित की गई है, जिसमें 79,450 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया गया है।


करीब 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष क्षमता वाली यह परियोजना देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स में से एक है। इसे आधुनिक तकनीक से लैस रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल उत्पादन के एकीकृत केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।