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शनिवार के दिन शनि देव की पूजा: क्या करें और क्या न करें

शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित होता है, और इस दिन उनकी पूजा करने से जीवन में आने वाली कठिनाइयों से राहत मिलती है। जानें कि शनिवार को किन कार्यों से बचना चाहिए और कौन से शुभ कार्य करने से शनि देव की कृपा प्राप्त की जा सकती है। इस लेख में शनि देव की पूजा के महत्व और नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है।
 

शनिवार का महत्व और शनि देव की पूजा


शनि के अशुभ प्रभावों से राहत पाने के उपाय


(नई दिल्ली): शनिवार का दिन विशेष रूप से शनि देव को समर्पित है। इस दिन उनकी पूजा और व्रत करने से जीवन में आने वाली कठिनाइयों से मुक्ति मिलती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शनिवार को शनि देव की पूजा करने से उनके अशुभ प्रभाव जैसे साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत मिलती है। इसके अलावा, शनि की स्थिति मजबूत होने से जीवन में सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिलते हैं।


शनिवार को न करने योग्य कार्य

हालांकि, शनिवार का दिन शुभ कार्यों के लिए जाना जाता है, ज्योतिषी कुछ कार्यों से बचने की सलाह देते हैं। आइए जानते हैं कि शनिवार को किन कार्यों से दूर रहना चाहिए:



  • बाल और नाखून काटना: इस दिन बाल या नाखून नहीं काटने चाहिए, क्योंकि इससे नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

  • लोहे की खरीदारी: लोहे से संबंधित वस्तुओं की खरीदारी से बचें, क्योंकि यह शनि से जुड़ा होता है और इससे घर में कलह हो सकती है।

  • नमक की खरीदारी: नमक खरीदने से कर्ज का बोझ बढ़ सकता है, इसलिए इसे न खरीदें।

  • मांसाहार और शराब का सेवन: शनिवार को मांसाहार और शराब का सेवन करना अशुभ माना जाता है।

  • पूर्व और उत्तर-पूर्व दिशा में यात्रा: इन दिशाओं में यात्रा करने से बचें, क्योंकि यह शनि देव को नाराज कर सकता है।


शनिवार को करने योग्य शुभ कार्य

इस दिन कुछ विशेष कार्य करने से शनि देव की कृपा प्राप्त की जा सकती है:



  • शनि मंदिर जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है।

  • काले तिल, काली उड़द या सरसों के तेल का दान करना भी लाभकारी है।

  • शनिवार का व्रत रखने से सुख-समृद्धि बनी रहती है।

  • हनुमान चालीसा का पाठ करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं।

  • पूजा के दौरान शनिदेव को काले तिल अर्पित करने से अशुभता कम होती है।