श्रावण शुक्ल एकादशी और सावन सोमवार: व्रत का सही पालन कैसे करें
श्रावण शुक्ल एकादशी का महत्व
नई दिल्ली: 24 अगस्त 2026 को सावन का अंतिम सोमवार मनाया जाएगा। इस दिन श्रावण शुक्ल एकादशी व्रत का पारण भी होगा। भक्तों के लिए यह जानना आवश्यक है कि एकादशी का पारण कैसे किया जाए और सोमवार का व्रत कैसे जारी रखा जाए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दोनों व्रतों का पालन सही तरीके से किया जा सकता है।
एकादशी का पारण कब करें?
एकादशी व्रत रखने वालों के लिए द्वादशी तिथि में पारण करना अनिवार्य माना जाता है। पारण को द्वादशी समाप्त होने से पहले करना चाहिए। कुछ धार्मिक ग्रंथों में हरिवासर के दौरान भोजन न करने की बात कही गई है। इसलिए हरिवासर समाप्त होने के बाद उचित समय पर व्रत खोलना चाहिए।
24 अगस्त को पारण का समय
2026 में श्रावण शुक्ल एकादशी 23 अगस्त से शुरू होकर 24 अगस्त की सुबह समाप्त होगी। स्मार्त परंपरा के अनुसार, 23 अगस्त को एकादशी व्रत और 24 अगस्त को द्वादशी में पारण किया जाएगा। पंचांग के अनुसार, 24 अगस्त को पारण का समय दोपहर 1:41 बजे से शाम 4:16 बजे तक रहेगा।
सावन सोमवार का व्रत कैसे रखें?
सोमवार व्रत की विधि
24 अगस्त को सोमवार का व्रत भी रखा जाएगा। सुबह स्नान करके भगवान शिव का ध्यान करें और सोमवार व्रत का संकल्प लें। शिवलिंग पर जल, बेलपत्र और अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा सामग्री अर्पित करें। एकादशी के पारण का समय आने पर भगवान विष्णु का स्मरण करके एकादशी व्रत का पारण करें।
पारण के बाद सोमवार व्रत कैसे जारी रखें?
सोमवार व्रत का पालन
यदि कोई भक्त सोमवार को भी अन्न का त्याग करना चाहता है, तो एकादशी पारण में हल्का सात्विक फलाहार लिया जा सकता है। इसके बाद पूरे दिन अन्न और नमक का त्याग करके सोमवार की साधना जारी रखी जा सकती है। शाम को भगवान शिव की पूजा और आरती करें।
हालांकि, व्रत और भोजन की परंपराएं विभिन्न संप्रदायों और परिवारों में भिन्न हो सकती हैं। इसलिए अपने स्थानीय पंचांग और परंपरा के अनुसार समय और नियम की पुष्टि करना बेहतर है।
पारण को छोड़ना क्यों नहीं चाहिए?
एकादशी व्रत के नियम
एकादशी व्रत के नियमों में द्वादशी तिथि पर पारण को महत्वपूर्ण माना गया है। इसलिए केवल सोमवार का निराहार व्रत रखने के लिए एकादशी का पारण छोड़ देना उचित नहीं है। पहले निर्धारित समय में एकादशी व्रत का पारण करें और उसके बाद अपनी क्षमता और धार्मिक परंपरा के अनुसार सोमवार की साधना जारी रखें।