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सावन शिवरात्रि: पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

सावन शिवरात्रि का पर्व आज मनाया जा रहा है, जो भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विशेष दिन है। इस दिन भक्त जल चढ़ाते हैं और व्रत रखते हैं। जानें जलाभिषेक के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि, जिससे आपकी इच्छाएं पूरी हो सकती हैं। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है, और इस दिन की पूजा का धार्मिक महत्व भी है।
 

सावन शिवरात्रि का महत्व


नई दिल्ली: आज सावन की शिवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है। यह पर्व सावन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आता है और इसे विशेष रूप से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए जाना जाता है। इस दिन भक्त शिवलिंग पर जल अर्पित करते हैं और व्रत रखते हैं। मान्यता है कि इस दिन की पूजा से इच्छाएं पूरी होती हैं। सावन का पूरा महीना भगवान शिव को समर्पित होता है, लेकिन सावन शिवरात्रि का दिन विशेष महत्व रखता है।


देशभर में शिव भक्त और कांवड़िये इस दिन को उत्सव की तरह मनाते हैं। प्रमुख शिवालयों और ज्योतिर्लिंगों में जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए भारी भीड़ होती है। यहां जानें जलाभिषेक के लिए शुभ मुहूर्त, क्योंकि इन समयों में जल चढ़ाने से पूजा का फल अधिक मिलता है।


जलाभिषेक के शुभ मुहूर्त

जलाभिषेक के शुभ मुहूर्त:



  • ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:22 से 5:05 बजे तक है।


  • निशिता काल दोपहर 12:05 से 12:48 बजे तक है।


  • अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:53 बजे तक है।


  • गोधूलि मुहूर्त शाम 7:04 से 7:26 बजे तक रहता है।



सावन शिवरात्रि का धार्मिक महत्व

सावन शिवरात्रि का धार्मिक महत्व:


साल में दो प्रमुख शिवरात्रियां होती हैं: महाशिवरात्रि और सावन शिवरात्रि। सावन में कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व है, जिसमें कांवड़िये पवित्र नदियों से जल लाकर शिवलिंग पर अर्पित करते हैं।


पौराणिक कथा के अनुसार, सावन में समुद्र मंथन के दौरान भगवान शिव ने विष को अपने गले में धारण किया था। देवी-देवताओं ने उनकी जलन को शांत करने के लिए उन पर जल अर्पित किया। इसी कारण सावन में जल चढ़ाने की परंपरा है।


पूजा विधि

पूजा कैसे करें:



  • सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और भगवान शिव का ध्यान करके व्रत का संकल्प लें।


  • शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भांग और चावल अर्पित करें।


  • इस दिन चार प्रहर की पूजा का विधान है। "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें।


  • मान्यता है कि बिना किसी लालच के व्रत और पूजा करने से अविवाहितों को अच्छा जीवनसाथी मिलता है।


  • वैवाहिक जीवन की समस्याएं दूर होती हैं, स्वास्थ्य अच्छा रहता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।



कुछ आसान उपाय

कुछ आसान उपाय:



  • मनोकामना पूरी करने और जल्दी शादी के लिए शिवलिंग पर केसर मिला जल चढ़ाएं। 21 बेलपत्रों पर चंदन से राम लिखकर अर्पित करें।


  • पैसे की तंगी दूर करने के लिए शाम को देसी घी का दीपक जलाएं और "ॐ नमः शिवाय" या "श्री शिवाय नमस्तुभ्यं" का 108 बार जाप करें। जल में काले तिल मिलाकर चढ़ाएं।


  • बीमारियों से राहत के लिए जल में थोड़ा कच्चा दूध और दूर्वा मिलाकर अभिषेक करें। महामृत्युंजय मंत्र का 11 या 21 बार जाप करें।