सुप्रीम कोर्ट ने जगन्नाथ एनिमेटेड फिल्म पर उठाए सवाल, क्या आस्था में कमी आएगी?
जगन्नाथ एनिमेटेड फिल्म विवाद
फिल्म में भगवान जगन्नाथ का एनिमेटेड चित्रण
सुप्रीम कोर्ट ने एनिमेटेड फिल्म 'महाप्रभु जगन्नाथ' की रिलीज पर उठे विवाद पर सुनवाई की। अदालत ने यह सवाल उठाया कि क्या भगवान जगन्नाथ को एनिमेटेड रूप में दिखाने से भक्तों की आस्था प्रभावित होगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि बच्चों को ऐसी फिल्में पसंद आ सकती हैं। पुरी मंदिर प्रशासन और ओडिशा सरकार की आपत्तियों पर आगे की सुनवाई की तारीख तय की गई है।
कार्टून चित्रण पर आपत्ति
जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के वकील पीतांबर आचार्य ने तर्क दिया कि फिल्म में भगवान जगन्नाथ को कार्टून के रूप में दर्शाया गया है। हालांकि, जस्टिस नागरत्ना ने इस पर असहमति जताई। उन्होंने कहा कि क्या बच्चों के लिए बनाई गई इस फिल्म से भगवान जगन्नाथ के प्रति भक्ति में कमी आएगी? उन्होंने यह भी कहा कि एनिमेशन बच्चों को अधिक आकर्षित करेगा।
सेंसर बोर्ड के निर्णय का इंतजार
ओडिशा सरकार के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि मंदिर प्रशासन ने फिल्म के संबंध में सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन के सामने अपनी आपत्तियां पहले ही दर्ज कराई हैं। उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया कि फिल्म की रिलीज को तब तक टाल दिया जाए जब तक कि प्रमाणन प्राधिकरण इस पर निर्णय न ले ले।
आगे की सुनवाई की तारीख
जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने कहा कि ओडिशा सरकार की अर्जियों पर 29 जुलाई को सुनवाई होगी, जिसमें फिल्म की रिलीज को लेकर पहले दिए गए आदेश में बदलाव की मांग की गई है। पहले फिल्म को रथ यात्रा के बाद रिलीज करने की अनुमति दी गई थी।