×

2026 में फास्टैग नियमों में बदलाव: टोल भुगतान को बनाएगा तेज और सरल

NHAI ने 2026 में फास्टैग नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है, जिससे टोल भुगतान प्रक्रिया को तेज और सरल बनाया जाएगा। नए नियमों के तहत, नई कारों के लिए KYV जांच की आवश्यकता समाप्त कर दी जाएगी, जिससे यात्रियों को बिना किसी रुकावट के यात्रा करने में मदद मिलेगी। यह निर्णय लंबी दूरी के यात्रियों और नियमित हाईवे उपयोगकर्ताओं के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा। जानें इस बदलाव के सभी पहलुओं के बारे में।
 

नई दिल्ली में फास्टैग के लिए महत्वपूर्ण बदलाव


नई दिल्ली: 2025 में टोल भुगतान के डिजिटलीकरण ने यात्रियों के लिए कई सुविधाएं प्रदान की हैं। हालांकि, फास्टैग के सक्रिय होने के बाद बार-बार KYV जांच के कारण यात्रा में रुकावटें आ जाती थीं। अब, NHAI ने 2026 में इस समस्या का समाधान करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जो उन लाखों कार चालकों के लिए राहत का कारण बनेगा, जो हाईवे पर तेज और निर्बाध यात्रा करना चाहते हैं।


NHAI के नए नियमों की जानकारी

NHAI के अनुसार, 1 फरवरी 2026 से नई कारों, जीपों और वैन के लिए फास्टैग जारी करते समय KYV प्रक्रिया को समाप्त कर दिया जाएगा। अब यह प्रक्रिया पूरी तरह से बैंक स्तर पर एक मजबूत वेरिफिकेशन सिस्टम के माध्यम से की जाएगी। पहले से जारी फास्टैग के लिए KYV की आवश्यकता सामान्य उपयोग में नहीं होगी, लेकिन विशेष परिस्थितियों में जांच की जा सकती है।


बैंक द्वारा वेरिफिकेशन की प्रक्रिया

1 फरवरी 2026 के बाद, नई कारों के लिए फास्टैग जारी करने में KYV अब NHAI की सीधी प्रक्रिया नहीं होगी। बैंक अपने डिजिटल और कानूनी वाहन डेटा के आधार पर वेरिफिकेशन करेंगे। इससे दस्तावेजों की सही स्थिति के बावजूद होने वाली देरी समाप्त होगी और टोल लेन पर वाहनों की कतारें तेजी से कम होंगी। यह बदलाव टोल भुगतान को अधिक स्वचालित, तेज और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


पुराने फास्टैग के लिए KYV की अनिवार्यता समाप्त

पहले से सक्रिय कारों, जीपों और वैन के फास्टैग के लिए KYV जांच अब रोजाना की आवश्यकता नहीं होगी। यदि किसी तकनीकी समस्या, गलत जारी टैग या दुरुपयोग की शिकायत आती है, तो बैंक और NHAI मिलकर विशेष मामलों में KYV की दोबारा जांच कर सकेंगे। बिना किसी शिकायत वाले उपयोगकर्ताओं को अब किसी अतिरिक्त प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे उनकी यात्रा अधिक सहज हो जाएगी।


दुरुपयोग पर नजर

NHAI ने स्पष्ट किया है कि भले ही KYV की नियमित जांच समाप्त हो रही हो, लेकिन दुरुपयोग पर नजर और सख्ती जारी रहेगी। किसी भी गलत वाहन डेटा, फर्जी दस्तावेज़ या टोल सिस्टम में हेरफेर की स्थिति में KYV जांच तुरंत लागू की जा सकेगी। इससे सिस्टम की पारदर्शिता बनी रहेगी और गलत इस्तेमाल करने वालों पर नियंत्रण रखा जाएगा।


स्मार्ट हाईवे टोल प्रणाली

बैंक वेरिफिकेशन को मजबूत करने के साथ-साथ NHAI ने यह भी सुनिश्चित किया है कि फास्टैग सक्रिय करने से पहले वाहन का कानूनी डेटा मिलान किया जाए। अब बैंक यह सुनिश्चित करेंगे कि टैग जारी करने से पहले वाहन मालिक, मॉडल, क्लास और रजिस्ट्रेशन पूरी तरह सही हो। इससे टोल लेन पर ऑटो-डिडक्शन अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित बनेगा।


यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय

यह बदलाव विशेष रूप से लंबी दूरी के कार यात्रियों, परिवारों और नियमित हाईवे उपयोगकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय साबित होगा। टोल भुगतान की गति बढ़ेगी, रुकने का समय कम होगा और फास्टैग से जुड़ी छोटी-छोटी परेशानियां भी कम होंगी। NHAI का कहना है कि यह कदम आम नागरिक के अनुभव को बेहतर बनाने और डिजिटल टोल सिस्टम को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में उठाया गया है।