Meta और रिलायंस की साझेदारी से भारत में बनेगा पहला AI डेटा सेंटर
Meta का AI डेटा सेंटर भारत में
नई दिल्ली: सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अग्रणी कंपनी Meta ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ मिलकर भारत में अपना पहला AI-सक्षम डेटा सेंटर स्थापित करने की घोषणा की है। यह अत्याधुनिक परियोजना गुजरात के जामनगर में विकसित की जाएगी और इसे भारत के डिजिटल ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
इस घोषणा के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी आई, जिससे कंपनी का शेयर 1.53 प्रतिशत बढ़कर 1,289 रुपये तक पहुंच गया।
रिपोर्टों के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज 168 मेगावाट क्षमता वाला एक आधुनिक डेटा सेंटर विकसित करेगी। इस परियोजना को अगले दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, और भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाने की संभावना भी है।
इस प्रोजेक्ट के तहत रिलायंस डेटा सेंटर की डिजाइनिंग, निर्माण, बिजली एवं यूटिलिटी प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा आपूर्ति, नेटवर्क कनेक्टिविटी और प्रबंधित सेवाओं सहित संपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर सेवाएं प्रदान करेगी।
यह समझौता Meta और रिलायंस के बीच पहले से मौजूद रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करेगा। दोनों कंपनियां पहले भी भारत और कुछ अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए AI-आधारित एंटरप्राइज समाधान विकसित करने में सहयोग कर चुकी हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने इस साझेदारी को भारत के डिजिटल विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा, “Meta जैसी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी के लिए भारत का पहला समर्पित AI डेटा सेंटर विकसित करना इस बात का संकेत है कि भारत वैश्विक AI क्रांति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है। जामनगर भविष्य में हाइपरस्केल AI कंप्यूटिंग का प्रमुख केंद्र बन सकता है।”
Meta के संस्थापक और CEO मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि कंपनी भारत में अपना पहला AI-सक्षम डेटा सेंटर स्थापित करने को लेकर उत्साहित है। उनके अनुसार, “जामनगर में विकसित होने वाली यह विश्वस्तरीय सुविधा हमारी वैश्विक AI इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता को मजबूत करेगी और भारत में हमारे दीर्घकालिक निवेश को नई दिशा देगी।”
दुनियाभर में AI तकनीक के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। ऐसे में Meta का भारत में AI डेटा सेंटर स्थापित करने का निर्णय देश को वैश्विक AI इकोसिस्टम में एक मजबूत स्थिति दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा और डेटा सेंटर, क्लाउड कंप्यूटिंग, AI अनुसंधान तथा डिजिटल सेवाओं के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।