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अंकित चव्हाण की अनोखी शादी और क्रिकेट में वापसी की कहानी

अंकित चव्हाण की कहानी एक अनोखी शादी और क्रिकेट में वापसी की है। 2013 में स्पॉट-फिक्सिंग के आरोपों के बाद उनकी शादी विवादों में घिरी रही। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और कोच के रूप में नई शुरुआत की। जानें कैसे उन्होंने अपने करियर को फिर से संवारने की कोशिश की और आज वह युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन दे रहे हैं।
 

अंकित चव्हाण की शादी का विवादित मोड़

नई दिल्ली, 15 अप्रैल। भारतीय क्रिकेट के इतिहास में 2013 का आईपीएल सीजन विवादों के लिए जाना जाता है। इसी दौरान राजस्थान रॉयल्स के स्पिनर अंकित चव्हाण की जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया जिसने उनकी शादी को 'अनोखा' बना दिया। अंकित ने अपनी मंगेतर नेहा साबरी के साथ 2 जून 2013 को शादी करने की योजना बनाई थी, लेकिन इससे पहले 16 मई को उन्हें दिल्ली पुलिस ने स्पॉट-फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। जिस दिन अंकित को बारात लेकर निकलना था, उस दिन वह न्यायिक हिरासत में थे।


कोर्ट में जश्न और पुलिस की निगरानी

कोर्ट की चौखट और सादे कपड़ों में पुलिस का 'जश्न'


अंकित के परिवार के लिए यह एक कठिन समय था। एक ओर मंगेतर के परिवार की इज्जत दांव पर थी, दूसरी ओर शादी की तैयारियों में खर्च किया गया पैसा। पहली अपील खारिज होने के बाद, अंकित को 31 मई को तिहाड़ जेल से 6 जून तक के लिए अंतरिम जमानत मिली, जिसमें यह शर्त थी कि वह केस से जुड़े किसी भी व्यक्ति से संपर्क नहीं करेंगे। 2 जून को जब शादी हुई, तो वहां नामी क्रिकेटरों की जगह पुलिस अधिकारी मौजूद थे, जो यह देख रहे थे कि शादी में कौन शामिल हो रहा है और क्या कोई संदिग्ध व्यक्ति दूल्हे से मिल रहा है।


आरोपों से बरी, लेकिन करियर पर असर

आरोपों से बरी हुए लेकिन करियर पर लगा ग्रहण


अंकित चव्हाण, एस श्रीसंत और अजीत चंदीला पर एक ओवर में तय रन देने के बदले 60 लाख रुपये लेने का गंभीर आरोप था। हालांकि, लंबी कानूनी लड़ाई के बाद जुलाई 2015 में दिल्ली की एक अदालत ने अंकित और उनके साथियों को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। कोर्ट ने माना कि इनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। बीसीसीआई ने भले ही उनके आजीवन प्रतिबंध को घटाकर सात साल कर दिया, लेकिन अंकित फिर कभी मैदान पर नहीं लौट सके। उनका क्रिकेट करियर घरेलू मैचों तक ही सीमित रह गया।


कोच के रूप में नई शुरुआत

कोच की भूमिका में वापसी


क्रिकेटर के रूप में वापसी के रास्ते बंद होने के बाद अंकित ने हार नहीं मानी। उन्होंने क्लब क्रिकेट खेलना जारी रखा और लेवल-1 कोचिंग कोर्स पूरा किया। उनकी मेहनत रंग लाई और जुलाई 2025 में मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) ने उन्हें अपनी अंडर-14 टीम का हेड कोच नियुक्त किया। आज वह एक मार्गदर्शक के रूप में भविष्य के सितारों को तराश रहे हैं। 2013 की उस विवादित शादी से लेकर 2025 में कोच बनने तक का सफर अंकित की जिजीविषा की कहानी बयां करता है।