अमेरिका ने ईरान पर एयरस्ट्राइक की, चाबहार पोर्ट को किया निशाना
ईरान ने ट्रम्प के सपनों को किया खारिज
अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान पर लगातार छठी रात एयरस्ट्राइक की, जिसमें भारत के चाबहार पोर्ट को भी निशाना बनाया गया। इस हमले में पोर्ट के निगरानी टावर को नुकसान पहुंचा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस टावर के क्षतिग्रस्त होने की तस्वीर साझा की है।
ईरान ने हमले की पुष्टि की
ईरानी समाचार एजेंसी मेहर ने चाबहार पोर्ट और उसके कंट्रोल टावर पर अमेरिकी हमले की पुष्टि की है। ईरानी सांसद बेहनाम सईदी ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने जमीनी हमला किया, तो अमेरिकी सैनिकों का कत्लेआम किया जाएगा।
चाबहार पोर्ट का महत्व
चाबहार पोर्ट भारत के लिए रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। भारत ने इसके विकास में निवेश किया है और इसका संचालन इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड कर रही है।
कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि
होर्मुज स्ट्रेट में तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 2% की वृद्धि हुई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.53 डॉलर बढ़कर 85.76 डॉलर प्रति बैरल हो गई है, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.69 डॉलर की वृद्धि के साथ 80.64 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
हमले के बाद होर्मुज का भविष्य
ईरान के इमाम मोहम्मद सईदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प को चेतावनी दी है कि होर्मुज तभी खोला जाएगा जब अमेरिका हमले बंद करेगा। उन्होंने ईरानी सैनिकों से युद्ध की गति बढ़ाने की अपील की है।
इजराइल की भूमिका
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इजराइल पर आरोप लगाया है कि वह अमेरिका की विदेश नीति और घरेलू राजनीति को प्रभावित करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने टाइम मैगजीन की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इजराइल अमेरिकी टैक्सदाताओं के पैसे का उपयोग अपने आलोचकों की आवाज दबाने के लिए कर रहा है।