एलपीयू हिंसा में नाबालिग छात्र की गिरफ्तारी, 12 अन्य भी पकड़े गए
एलपीयू में हुई हिंसा की जांच
जालंधर: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हाल ही में हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक नाबालिग छात्र को गिरफ्तार किया है। यह छात्र एलपीयू का ही विद्यार्थी है और मंडी का निवासी बताया जा रहा है। उसके पिता मंडी के उपायुक्त कार्यालय में एक अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।
पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि हिंसा के दौरान नाबालिग की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई थी। इस तस्वीर में वह विश्वविद्यालय परिसर में स्थित मिग-23 लड़ाकू विमान पर खड़ा नजर आ रहा है, जबकि उसके पीछे आग की लपटें दिखाई दे रही हैं। सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को उसे 'हीरो' के रूप में पेश करते हुए साझा किया गया था। हालांकि, उसकी भूमिका और आरोपों का अंतिम निर्णय जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा।
हिंसा के दौरान, विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित मिग-23 लड़ाकू विमान और 1971 के युद्ध में उपयोग किए गए टैंक पर प्रदर्शनकारियों के चढ़ने की घटना भी सामने आई थी। विश्वविद्यालय के चांसलर और भाजपा के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने इस घटना की कड़ी निंदा की है।
मित्तल ने कहा कि मिग-23 और 1971 के युद्ध में इस्तेमाल किए गए टैंक को विश्वविद्यालय परिसर के बाहर स्थापित किया गया है ताकि देश की सेनाओं का सम्मान किया जा सके और युवाओं में प्रेरणा पैदा की जा सके। हिंसा के दौरान इन पर चढ़कर प्रदर्शन करना सैनिकों और देश का अपमान है।
मित्तल के अनुसार, एलपीयू हिंसा के मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम आज आधिकारिक रूप से जारी किए जाने की संभावना है। इनमें से 2-3 बाहरी व्यक्ति हैं, जबकि अधिकांश आरोपी एलपीयू के छात्र हैं।
पुलिस हिंसा में शामिल व्यक्तियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कर रही है। इससे पहले भी कई आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था। जांच के दौरान लगभग 40 लोगों की पहचान की गई है।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका, हिंसा में उनकी कथित संलिप्तता और सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों समेत अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी।