कोहरे और बारिश में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
सुरक्षित ड्राइविंग के लिए सावधानियाँ
नई दिल्ली: उत्तर भारत में इस समय कोहरे के साथ हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है, जिससे सड़क पर गाड़ी चलाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। सुबह और शाम के समय दृश्यता काफी कम होती है, और बारिश के कारण सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं। ऐसे में कार चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
ऑटो सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में छोटी सी लापरवाही भी दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। जैसे कि ग्लास पर धुंध, कमजोर टायर ग्रिप, गलत लाइटिंग और तेज ब्रेकिंग जैसी गलतियाँ ड्राइविंग को असुरक्षित बना सकती हैं। इसलिए, मौसम के अनुसार ड्राइविंग स्टाइल को बदलना सबसे समझदारी भरा कदम है।
रोशनी का सही उपयोग
कोहरे में हाई बीम लाइट का उपयोग दृश्यता को और कम कर देता है, क्योंकि रोशनी धुंध से टकराकर आंखों में चमक पैदा करती है। लो बीम, फॉग लाइट और इंडिकेटर का संयमित उपयोग सबसे सुरक्षित माना जाता है। रात और सुबह के समय लाइट हमेशा ऑन रखें।
गति और नियंत्रण
बारिश में सड़क पर पानी की परत बन जाती है, जिससे हाइड्रोप्लानिंग का खतरा बढ़ जाता है। कोहरे में यह खतरा दोगुना हो जाता है। 40-60 किमी/घंटा की गति बनाए रखें। तेज एक्सीलरेशन और शार्प कट से बचें, ताकि कार स्थिर रहे।
ब्रेकिंग तकनीक
फिसलन भरी सड़क पर अचानक ब्रेक लगाने से कार स्किड कर सकती है। स्मूद और पंप-ब्रेकिंग तकनीक का उपयोग करें। यदि आपकी कार में ABS है, तो भी ब्रेक धीरे-धीरे लगाएं और स्टीयरिंग को स्थिर रखें।
शीशे की धुंध से निपटने के उपाय
विंडशील्ड पर फॉग जमना एक सामान्य समस्या है। डिफॉगर और एसी को फ्रेश-एयर मोड पर रखें। यदि वाइपर ब्लेड पुरानी हैं, तो उन्हें तुरंत बदलें, क्योंकि साफ ग्लास आपकी दृष्टि के लिए महत्वपूर्ण है।
टायर और दूरी
टायर की ग्रिप गीली सड़क पर सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ट्रेड डेप्थ 1.6 मिमी से अधिक रखें। आगे चल रही गाड़ी से कम से कम 2-3 सेकंड की दूरी बनाए रखें, ताकि इमरजेंसी में प्रतिक्रिया का समय मिल सके।
इस समय देशभर में घने कोहरे और शीतलहर का असर जारी है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट की संभावना जताई है। ऐसे में यदि आप अपनी गाड़ी से बाहर निकल रहे हैं, तो सावधानी बरतें।