गर्मी में गाड़ी की देखभाल के लिए आवश्यक टिप्स
गर्मी में गाड़ी की देखभाल
नई दिल्ली: गर्मियों में गाड़ी के खराब होने की समस्या आम हो गई है। अत्यधिक गर्मी के कारण कारें ओवरहीट हो जाती हैं और कभी-कभी आग भी लग जाती है। इसलिए, अपनी गाड़ी का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। नियमित रूप से कूलेंट का स्तर जांचना, बैटरी की स्थिति देखना, और टायरों का प्रेशर चेक करना बेहद जरूरी है। गाड़ी के अंदर के हिस्से को सुरक्षित रखने के लिए, उसे छांव में पार्क करना या विंडशील्ड पर रिफ्लेक्टिव सनशेड लगाना भी महत्वपूर्ण है। यहां हम गर्मियों में गाड़ी को सही रखने के कुछ सुझाव साझा कर रहे हैं।
इंजन और फ्लूइड की देखभाल
कूलेंट की जांच: अत्यधिक गर्मी इंजन पर दबाव डालती है। कार के कूलेंट का स्तर नियमित रूप से जांचें और आवश्यकता पड़ने पर उसे टॉप-अप करें ताकि इंजन अधिक गर्म न हो।
इंजन ऑयल: गर्मी के कारण इंजन ऑयल जल्दी खराब हो सकता है, जिससे इंजन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
बैटरी की स्थिति: अत्यधिक गर्मी से बैटरी का फ्लूइड भाप बनकर उड़ सकता है, जिससे बैटरी में जंग लगने की समस्या हो सकती है। बैटरी के टर्मिनलों पर सफेद पपड़ी जम जाती है, जिसे समय-समय पर साफ करना आवश्यक है।
टायर और सुरक्षा
टायर का प्रेशर: जब तापमान 10 डिग्री बढ़ता है, तो टायर का प्रेशर आमतौर पर 1 psi बढ़ जाता है। गाड़ी चलाने से पहले, टायरों का प्रेशर नियमित रूप से जांचें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि टायर में सही प्रेशर है। यदि टायर का प्रेशर कम है, तो उसके फटने का खतरा बढ़ जाता है।
विंडशील्ड वाइपर: तेज UV किरणें वाइपर ब्लेड को नुकसान पहुंचा सकती हैं। यदि वाइपर में दरारें हैं, तो उन्हें बदलना आवश्यक है।
गाड़ी के अंदर का कंफर्ट
एयर कंडीशनिंग: यदि आपके AC से गर्म हवा आ रही है, तो यह संभव है कि उसमें कोई लीक हो या एयर फिल्टर जाम हो गया हो। बेहतर कूलिंग के लिए अपने फिल्टर की जांच करें।
गाड़ी को ठंडा करना: यदि आपने गाड़ी पार्क की है, तो उसमें बैठने से पहले खिड़कियां खोल दें। गाड़ी को ऑन करके छोड़ दें ताकि अंदर की गर्म हवा बाहर निकल जाए। इसके बाद आप एसी चला सकते हैं।