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डिजिटल प्लेटफॉर्म 'लोक ओएस' से सशक्त हो रहीं ग्रामीण महिलाएं

ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे 'लखपति दीदी' अभियान को 'लोक ओएस' डिजिटल प्लेटफॉर्म का महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है। यह प्लेटफॉर्म लाभार्थियों की प्रगति की निगरानी और डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए अभियान को प्रभावी बना रहा है। 6,611 मास्टर ट्रेनर और 4.09 लाख सीआरपी के साथ, यह अभियान अब 34 राज्यों में फैला हुआ है। जानें कैसे यह प्लेटफॉर्म ग्रामीण समुदायों के आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रहा है।
 

ग्रामीण महिलाओं के लिए 'लखपति दीदी' अभियान

नई दिल्ली: ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'लखपति दीदी' अभियान को अब 'लोक ओएस' नामक डिजिटल प्लेटफॉर्म का महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म लाभार्थियों तक पहुंचने, उनकी प्रगति की निगरानी करने और डिजिटल तरीके से अभियान को और प्रभावी बनाने में मदद कर रहा है।


वर्तमान में, 'लोक ओएस' के माध्यम से 6,611 मास्टर ट्रेनर, 4.09 लाख कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन (सीआरपी), और 3.87 करोड़ संभावित लखपति दीदी का एक मजबूत नेटवर्क स्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त, प्लेटफॉर्म पर 18.50 करोड़ डिजिटल आजीविका रजिस्टर भी उपलब्ध हैं, जो आजीविका की योजना बनाने, उसकी निगरानी करने और उसे लागू करने के लिए एक ठोस डिजिटल आधार प्रदान करते हैं।


'लोक ओएस' दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत विकसित एक आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य सामुदायिक-आधारित संगठनों की कार्यप्रणाली को डिजिटल बनाना है।


इसका देशभर में विस्तार 'लखपति दीदी' अभियान को नई गति दे रहा है, जिससे ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिल रहा है। यह आत्मनिर्भर ग्रामीण समुदायों के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।


सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 'लोक ओएस' रियल-टाइम मॉनिटरिंग और डिजिटल वित्तीय प्रबंधन के माध्यम से पारदर्शिता, बेहतर प्रशासन और कार्यकुशलता को बढ़ा रहा है। यह सामुदायिक संस्थाओं को मिलने वाली वित्तीय सहायता की प्रभावी निगरानी भी करता है। अब तक इस प्लेटफॉर्म के जरिए 9,718.41 करोड़ रुपए का रिवॉल्विंग फंड (आरएफ), 64,607.66 करोड़ रुपए का कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (सीआईएफ) और 38.34 करोड़ रुपए का कम्युनिटी एंटरप्राइज फंड (सीईएफ) ट्रैक किया जा चुका है।


'लोक ओएस' पर सदस्यों का रिकॉर्ड, प्रोफाइल, बचत, ऋण, पुनभुगतान, वित्तीय लेनदेन, आजीविका गतिविधियां, और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी भी डिजिटल रूप से दर्ज की जाती है। यह प्लेटफॉर्म वर्तमान में 34 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, 762 जिलों, 7,241 ब्लॉकों, 2.57 लाख ग्राम पंचायतों, और 5.92 लाख गांवों तक पहुंच चुका है।


इसमें वेब और मोबाइल दोनों प्रकार के एप्लिकेशन उपलब्ध हैं। वेब एप्लिकेशन का उपयोग प्रशासक, ई-बुककीपर और लेनदेन को मंजूरी देने वाले अधिकारी स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन, क्लस्टर लेवल फेडरेशन और उनके सदस्यों का प्रबंधन करने के लिए करते हैं। वहीं, मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए फील्ड में सामुदायिक संगठनों की गतिविधियों को आसानी से रिकॉर्ड और संचालित किया जाता है।


सरकारी बयान के अनुसार, 'लोक ओएस' ने देशभर में सामुदायिक संस्थाओं के डिजिटल परिवर्तन को नई गति दी है। इससे पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यक्षमता में वृद्धि हुई है। साथ ही सभी स्तरों पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और निगरानी को भी मजबूती मिली है।