ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से लिंक करने की प्रक्रिया और आवश्यकताएँ
ड्राइविंग लाइसेंस और आधार का संबंध
ड्राइविंग लाइसेंस और आधार का लिंक: आज के समय में आधार एक महत्वपूर्ण दस्तावेज बन चुका है, जिसे कई अन्य दस्तावेजों के साथ लिंक करना आवश्यक है। इस संदर्भ में, यह जानना जरूरी है कि क्या ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से जोड़ना अनिवार्य है। इस लेख में हम इस विषय पर विस्तार से चर्चा करेंगे और बताएंगे कि इसे कैसे लिंक किया जा सकता है।
क्या आधार से लिंक करना अनिवार्य है?
आधार को ड्राइविंग लाइसेंस (DL) से जोड़ना सीधे तौर पर अनिवार्य नहीं है, लेकिन परिवहन सेवाओं का लाभ उठाने के लिए आधार वेरिफिकेशन आवश्यक है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के अनुसार, गाड़ी के स्वामित्व का ट्रांसफर, NOC, और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने या नवीनीकरण के लिए आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी है।
कैसे पता करें कि DL आधार से लिंक है या नहीं?
आपके ड्राइविंग लाइसेंस का आधार से लिंक होना या न होना जानने के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाएं:
पहला तरीका:
- परिवहन सेवा की वेबसाइट पर जाएं और अपने राज्य का चयन करें।
- "ड्राइविंग लाइसेंस संबंधित सेवाएं" पर क्लिक करें।
- "आधार ऑथेंटिकेशन" या "आधार लिंक करें" विकल्प चुनें।
- अपना 16 अंकों का ड्राइविंग लाइसेंस नंबर और जन्म तिथि डालें।
- "जानकारी पाएं" पर क्लिक करें। यदि आपका DL लिंक है, तो आधार की जानकारी प्रदर्शित होगी। यदि नहीं, तो अपना आधार नंबर डालकर ओटीपी से वेरिफाई करें।
दूसरा तरीका:
आप DigiLocker ऐप का उपयोग करके भी अपने DL की स्थिति देख सकते हैं। यदि आपका DL आधार से लिंक है, तो यह आपके दस्तावेजों में अपने-आप सिंक हो जाएगा।
ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से लिंक करने की प्रक्रिया:
आप अपने ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से दो तरीकों से लिंक कर सकते हैं: ऑनलाइन और ऑफलाइन।
ऑनलाइन तरीका:
- परिवहन सेवा वेबसाइट पर जाएं और "ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित सेवाएं" पर क्लिक करें।
- राज्य का चयन करें जहां आपका DL जारी किया गया था।
- "आधार ऑथेंटिकेशन" या "आधार लिंक करें" विकल्प चुनें।
- अपना DL नंबर, जन्म तिथि और आधार नंबर डालें।
- लिंक करने के लिए अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजे गए OTP को दर्ज करें।
ऑफलाइन प्रक्रिया:
आप ऑफलाइन तरीके से भी आधार से लिंक कर सकते हैं। इसके लिए, अपने मूल DL, आधार की फिजिकल कॉपी और पासपोर्ट-साइज फोटो के साथ अपने नजदीकी RTO जाएं।
DL को आधार से लिंक करने के लाभ:
- आधार और DL को लिंक करने से दोनों दस्तावेजों का कार्य एक ही प्लेटफॉर्म पर हो जाता है।
- यह प्रक्रिया फर्जी DL की पहचान में मदद करती है।
- सरकार एक से अधिक DL रखने वालों को दंडित कर सकती है।
- सभी रजिस्टर्ड ड्राइवरों का एक सेंट्रल डेटाबेस तैयार होगा।
- यह प्रक्रिया सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को कम करने में सहायक होगी।
- परिवहन से संबंधित कार्य अधिक कुशल और परेशानी-मुक्त होंगे।