×

दिल्ली बनेगा बुलेट ट्रेन का केंद्र, चार नए हाई-स्पीड रूट्स की योजना

दिल्ली को बुलेट ट्रेन का एक प्रमुख हब बनाने की योजना बनाई जा रही है, जिसमें चार नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर शामिल हैं। ये रूट्स दिल्ली को वाराणसी, अहमदाबाद, अमृतसर और सिलीगुड़ी से जोड़ेंगे, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। यह योजना न केवल यात्रा को सुविधाजनक बनाएगी, बल्कि हवाई यात्रा का एक बेहतर विकल्प भी प्रस्तुत करेगी। जानें इन रूट्स के बारे में विस्तार से।
 

दिल्ली में बुलेट ट्रेन नेटवर्क का विस्तार


चार प्रमुख रूट्स पर तेजी से प्रगति
दिल्ली को बुलेट ट्रेन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की योजना बनाई जा रही है। रेल मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजधानी से चार प्रमुख हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा है। इनका उद्देश्य दिल्ली से अन्य प्रमुख शहरों और राज्यों की यात्रा को कुछ घंटों में पूरा करना है। सरकार का मानना है कि बुलेट ट्रेन हवाई यात्रा का एक बेहतर विकल्प हो सकती है।


एयरपोर्ट तक पहुँचने और चेक-इन में लगने वाले समय की तुलना में, बुलेट ट्रेन शहर के केंद्र में स्थित स्टेशनों से यात्रियों को अधिक सुविधा प्रदान करेगी।



  • दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर: यह कॉरिडोर हजरत निजामुद्दीन से शुरू होकर नोएडा, मथुरा, आगरा, लखनऊ, और प्रयागराज होते हुए वाराणसी तक जाएगा। इसमें 135 किमी लंबी अयोध्या लिंक लाइन शामिल है, जिससे यात्रा का समय 12 घंटे से घटकर 3 घंटे 50 मिनट रह जाएगा।

  • दिल्ली-अहमदाबाद कॉरिडोर: यह रूट द्वारका या सराय काले खां से शुरू होगा और गुजरात के साबरमती स्टेशन तक पहुंचेगा। इस रूट के चालू होने पर दिल्ली से अहमदाबाद की यात्रा का समय 14 घंटे से घटकर 3.5 से 4 घंटे हो जाएगा।

  • दिल्ली-अमृतसर-जम्मू कॉरिडोर: यह रूट उत्तर भारत को बुलेट ट्रेन नेटवर्क से जोड़ेगा। यह द्वारका से शुरू होकर हरियाणा और पंजाब होते हुए अमृतसर तक जाएगा। भविष्य में इसे जम्मू और कटरा तक बढ़ाने की योजना है, जिससे यात्रा का समय 2 घंटे रह जाएगा।

  • दिल्ली-सिलीगुड़ी कॉरिडोर: यह रूट पूर्वोत्तर राज्यों को जोड़ने के लिए बनाया गया है। यह ट्रेन दिल्ली से लखनऊ, वाराणसी और पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक जाएगी। वर्तमान में यह यात्रा 20 घंटे लेती है, जो बुलेट ट्रेन से घटकर 6 घंटे रह जाएगी।


ये भी पढ़ें: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच सीबीआई से कराने की याचिका खारिज