दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: मुख्यमंत्री गुप्ता की नई योजनाएं
दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं का आधुनिकीकरण
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि राजधानी में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और आधुनिकीकरण सरकार की प्राथमिकता है। इसके अंतर्गत मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और पीजी सीटों की संख्या बढ़ाई जा रही है, नए डॉक्टरों और नर्सों की नियुक्ति की जा रही है, अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है, और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।
गुप्ता ने मंगलवार को संत परमानंद अस्पताल में एक अत्याधुनिक आईवीएफ सेंटर का उद्घाटन करते हुए कहा कि दिल्ली को देश का सबसे बेहतरीन मेडिकल हब बनाने के लिए सरकारी और निजी क्षेत्र की भागीदारी आवश्यक है। उनका लक्ष्य है कि हर नागरिक को बेहतर और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं मिलें।
आयुष्मान भारत योजना के तहत, केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए गए पांच लाख रुपये के स्वास्थ्य सुरक्षा कवर में दिल्ली सरकार ने पांच लाख रुपये की अतिरिक्त राशि जोड़कर इसे दस लाख रुपये तक बढ़ा दिया है। अब तक 8.94 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड स्वीकृत किए जा चुके हैं। 70 वर्ष से अधिक आयु के 3.09 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिक भी इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ-साथ बड़े अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार कर रही है। राजधानी में 415 आयुष्मान आरोग्य मंदिर और 29 जन औषधि केंद्र स्थापित किए गए हैं। अस्पतालों के विस्तार के लिए 503.49 करोड़ रुपये की पांच परियोजनाएं शुरू की गई हैं। जीबी पंत अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और न्यूरो आईसीयू जैसी सुविधाओं का विकास किया गया है।
दिल्ली में चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए, एमबीबीएस सीटों की संख्या 595 से बढ़ाकर 820 और पीजी सीटों की संख्या 553 से बढ़ाकर 762 की जा रही है। द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल में 805.99 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज विकसित किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं में मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए 1,200 से अधिक नर्सों और 954 सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है।
सरकार डिजिटल और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं पर भी ध्यान दे रही है। राजधानी में एक करोड़ से अधिक आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं और 38 सरकारी अस्पतालों में डिजिटल हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है। नवजात शिशुओं की 56 प्रकार की मुफ्त जांच, 10 हजार मुफ्त कैंसर स्क्रीनिंग और 9 से 14 वर्ष की लड़कियों के लिए मुफ्त एचपीवी टीकाकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।