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दिल्ली-रोहतक के बीच नई इलेक्ट्रिक बस सेवा का शुभारंभ

दिल्ली सरकार ने दिल्ली-रोहतक के बीच नई इंटरस्टेट इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू की है, जिससे यात्रियों को राहत मिलेगी। 200 नई ई-बसों के साथ, दिल्ली अब देश में सबसे अधिक इलेक्ट्रिक बसों वाला शहर बन गया है। यह सेवा न केवल आरामदायक यात्रा प्रदान करेगी, बल्कि वायु प्रदूषण को कम करने में भी मदद करेगी। जानें इस नई पहल के बारे में और कैसे यह यात्रियों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
 

दिल्ली सरकार की नई पहल

रोहतक, 20 अप्रैल। दिल्ली और हरियाणा के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए दिल्ली सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राजधानी के सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए दिल्ली-रोहतक के बीच नई इंटरस्टेट इलेक्ट्रिक बस सेवा (DTC) शुरू की गई है। 200 नई ई-बसों के साथ, दिल्ली अब देश में सबसे अधिक इलेक्ट्रिक बसों वाला शहर बन गया है।


यात्रियों के लिए राहत

दिल्ली और रोहतक के बीच रोजाना यात्रा करने वाले हजारों कर्मचारियों और छात्रों के लिए सोमवार का दिन राहत भरा रहा। दिल्ली सरकार ने 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसमें दिल्ली-रोहतक इंटरस्टेट रूट भी शामिल है। इस पहल के साथ, दिल्ली अब 4500 से अधिक ई-बसों के साथ देश का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी हब बन गई है। यह सेवा यात्रियों को न केवल आरामदायक यात्रा प्रदान करेगी, बल्कि दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने में भी मदद करेगी।


सीधे लाभ पाने वाले क्षेत्र

इन इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा

नई इलेक्ट्रिक बस सेवा का रूट दिल्ली के प्रमुख स्थानों को हरियाणा के महत्वपूर्ण शहरों से जोड़ेगा। यह बस आईएसबीटी कश्मीरी गेट से शुरू होकर पीरागढ़ी चौक, टिकरी बॉर्डर, बहादुरगढ़, रोहद और सांपला जैसे व्यस्त इलाकों से गुजरते हुए रोहतक बस स्टैंड तक जाएगी। इस रूट के शुरू होने से बहादुरगढ़ और सांपला जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों को अब घंटों तक डग्गामार बसों या निजी वाहनों का इंतजार नहीं करना होगा। ट्रायल बेसिस पर शुरू हुई यह सेवा एनसीआर राज्यों के बीच हुए आपसी समझौते का हिस्सा है।


रोहतक की बारी

सोनीपत-पानीपत के बाद अब रोहतक की बारी

दिल्ली सरकार की योजना के तहत केवल शहर के भीतर ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों के सैटेलाइट शहरों तक ई-बसें पहुंचाई जा रही हैं। इससे पहले सोनीपत, पानीपत, धारूहेड़ा, बड़ौत और गाजियाबाद के लिए सफलतापूर्वक बसें चलाई जा चुकी हैं। रोहतक को इस सूची में शामिल करना हरियाणा के साथ व्यावसायिक और सामाजिक संबंधों को और मजबूत करेगा। इस बस सेवा के जरिए यात्रियों का समय बचेगा और किराए का बोझ भी कम होगा।


दिल्ली का परिवहन बेड़ा

पूरी तरह EV में तब्दील होगा दिल्ली का बेड़ा

सरकार का लक्ष्य दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह कार्बन मुक्त बनाना है। परिवहन विभाग के अनुसार, वर्तमान में दिल्ली में ई-बसों की संख्या 4500 से अधिक हो चुकी है। मुख्यमंत्री की योजना के अनुसार, 2026 के अंत तक इस बेड़े को 7000 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे दिल्ली उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो जाएगी जहाँ सार्वजनिक परिवहन का सबसे बड़ा हिस्सा इलेक्ट्रिक होगा। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि ई-बसों की संख्या बढ़ने से सड़कों पर निजी वाहनों का दबाव कम होगा और दिल्ली की हवा में सुधार होगा।