दिल्ली विश्वविद्यालय में 12वीं के अंकों पर दाखिला, सीयूईटी के बाद पहली बार
दिल्ली विश्वविद्यालय में नया दाखिला नियम
हाल ही में, दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है, जो राजनीतिक चर्चाओं के बीच छिपा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने 'एक देश, एक परीक्षा' के तहत केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए सीयूईटी परीक्षा की शुरुआत की थी। अब पहली बार, 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर दाखिला दिया जा रहा है, जो केवल दो महिला कॉलेजों, अदिति कॉलेज और भगिनी निवेदिता कॉलेज में लागू होगा।
इस बदलाव का कारण यह है कि सीयूईटी परीक्षा के बाद कई काउंसलिंग सत्रों के बावजूद लगभग दो हजार सीटें खाली रह गई हैं। दोनों कॉलेजों में समान संख्या में सीटें खाली हैं। जब यह स्पष्ट हो गया कि सीयूईटी में पास छात्र रैंक के आधार पर दाखिला नहीं ले रहे हैं, तब 12वीं के अंकों के आधार पर दाखिला देने का निर्णय लिया गया।
इस बीच, यह सवाल भी उठता है कि पिछले वर्ष जब दिल्ली विश्वविद्यालय में सात हजार सीटें खाली रह गई थीं, तब अंकों के आधार पर दाखिला क्यों नहीं दिया गया। दरअसल, परीक्षा के माध्यम से दाखिला लेने की प्रक्रिया प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रही है, फिर भी 'एक देश, एक परीक्षा' के सिद्धांत को बनाए रखा गया है। संभव है कि इस घटनाक्रम के बाद कुछ बदलाव देखने को मिलें।