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फोल्ड होने वाला स्टीयरिंग व्हील: स्मार्ट कारों का नया अविष्कार

ऑटोमोबाइल उद्योग में एक नई तकनीक का आगाज़ हुआ है, जिसमें फोल्ड होने वाला स्टीयरिंग व्हील पेश किया गया है। यह स्टीयरिंग व्हील ऑटोमैटिक ड्राइव मोड में अपने आप फोल्ड होकर डैशबोर्ड में छिप जाता है, जिससे कार के केबिन में अधिक स्पेस और आराम मिलता है। यह विशेष रूप से ऑटोनॉमस कारों के लिए डिज़ाइन किया गया है और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। जानें इस नई तकनीक के बारे में और कैसे यह भविष्य की कारों को स्मार्ट और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाएगी।
 

नई तकनीक का आगाज़


नई दिल्ली: ऑटोमोबाइल उद्योग में तेजी से बदलाव आ रहा है, और अब कारें केवल यात्रा का साधन नहीं रह गई हैं, बल्कि एक स्मार्ट और आरामदायक स्थान बन गई हैं। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी कदम उठाया गया है, जिसमें स्टीयरिंग व्हील जैसी आवश्यक चीज़ भी आवश्यकता के अनुसार गायब हो सकती है। ऑटोमोटिव सुरक्षा कंपनी ऑटोलिव और टेक्नोलॉजी कंपनी टेंसर ने मिलकर दुनिया का पहला फोल्ड होने वाला स्टीयरिंग व्हील पेश किया है।


कारों के इंटीरियर्स में बदलाव

कार उद्योग अब केवल इंजन और ईंधन दक्षता तक सीमित नहीं है। कंपनियां केबिन के आराम और उपयोगकर्ता अनुभव पर भी ध्यान केंद्रित कर रही हैं। ऑटोलिव और टेंसर की यह नई तकनीक इसी सोच का परिणाम है। फोल्ड होने वाला स्टीयरिंग व्हील कार के अंदर अधिक खुलापन और आराम प्रदान करता है, जो विशेष रूप से लंबी यात्राओं के लिए फायदेमंद है।


ऑटोनॉमस कारों के लिए डिज़ाइन

यह स्टीयरिंग व्हील विशेष रूप से ऑटोनॉमस यानी स्वचालित कारों के लिए विकसित किया गया है। टेंसर की रोबोकार में इस तकनीक का उपयोग किया जाएगा। कंपनी का कहना है कि ड्राइवर जब चाहे, गाड़ी को खुद चला सकता है और आवश्यकता पड़ने पर ऑटो मोड का उपयोग कर सकता है। यह फीचर ड्राइविंग और आराम के बीच संतुलन बनाता है।


स्मार्ट स्टीयरिंग के दो मोड

फोल्डेबल स्टीयरिंग व्हील मैनुअल और ऑटोमैटिक दोनों मोड में अलग-अलग तरीके से कार्य करता है। मैनुअल मोड में यह सामान्य स्टीयरिंग की तरह सामने रहता है, जबकि जैसे ही कार ऑटो मोड में जाती है, स्टीयरिंग अपने आप फोल्ड होकर डैशबोर्ड के अंदर चला जाता है। इस प्रक्रिया में ड्राइवर को कोई बटन दबाने की आवश्यकता नहीं होती।


केबिन में अधिक स्पेस और आराम

स्टीयरिंग व्हील के फोल्ड होते ही ड्राइवर के सामने का हिस्सा पूरी तरह खुल जाता है, जिससे लेग स्पेस बढ़ता है और बैठने की स्थिति अधिक आरामदायक हो जाती है। कंपनी का दावा है कि कार का केबिन लाउंज जैसा अनुभव देगा। लंबी यात्रा के दौरान यह फीचर थकान को काफी हद तक कम कर सकता है।


सुरक्षा पर ध्यान

इस नई तकनीक के साथ सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया है। मैनुअल मोड में दुर्घटना होने पर स्टीयरिंग में लगे एयरबैग सक्रिय होंगे। वहीं, ऑटो मोड में जब स्टीयरिंग डैशबोर्ड में छिपा होता है, तब डैशबोर्ड में मौजूद अलग एयरबैग सक्रिय होगा। कंपनी के अनुसार, दोनों स्थितियों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।


कॉन्सेप्ट नहीं, असली कारों में फीचर

अक्सर नई तकनीकें केवल कॉन्सेप्ट कारों तक सीमित रह जाती हैं, लेकिन टेंसर इस फोल्डेबल स्टीयरिंग व्हील को प्रोडक्शन कारों में लाने की योजना बना रहा है। कंपनी का कहना है कि आज के ड्राइवर टेक्नोलॉजी और नियंत्रण दोनों की चाह रखते हैं। यह सिस्टम इन्हीं आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।


नई तकनीक का लॉन्च

टेंसर रोबोकार को अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व के बाजारों में लॉन्च किया जाएगा। इसकी बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग 2026 की दूसरी छमाही में शुरू होने की उम्मीद है। यह नवाचार स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि भविष्य की कारें केवल स्मार्ट नहीं होंगी, बल्कि पूरी तरह से उपयोगकर्ता के अनुकूल भी होंगी।