बजाज का नया चेतक C25 इलेक्ट्रिक स्कूटर: शानदार फीचर्स और बेहतरीन रेंज
बजाज का नया इलेक्ट्रिक स्कूटर
न्यूज़ मीडिया : बजाज कंपनी के नए इलेक्ट्रिक स्कूटर के लिए ग्राहकों में उत्साह देखने को मिल रहा है। हाल ही में, बजाज ने अपने नए चेतक C25 को बाजार में उतारा है, जो आकर्षक कीमत और बेहतरीन फीचर्स के साथ आता है।
जब भी बजाज कोई नया वाहन पेश करता है, तो उसे खरीदने के लिए ग्राहकों की भीड़ लग जाती है। हाल ही में, कंपनी ने चेतक C25 इलेक्ट्रिक स्कूटर को लॉन्च किया है, जो नई तकनीक से लैस है।
शानदार रेंज और कीमत
सिंगल चार्ज में बेहतरीन रेंज
बजाज ने चेतक C25 इलेक्ट्रिक स्कूटर को 91,399 रुपये की शुरुआती कीमत पर पेश किया है, जिसमें केंद्र सरकार की PM E-DRIVE सब्सिडी शामिल है। इस स्कूटर में 2.5 kWh की NMC बैटरी है, जो एक बार चार्ज करने पर लगभग 113 किलोमीटर की रेंज प्रदान करती है। यह स्कूटर TVS जैसी प्रमुख कंपनियों के उत्पादों को चुनौती देगा।
बजाज की बिक्री में वृद्धि
बजाज की बिक्री में बढ़ोतरी
2025 में बजाज का ई-स्कूटर कारोबार 2024 के तीसरे स्थान से बढ़कर दूसरे स्थान पर पहुंच गया। कंपनी ने 2025 में 2,69,836 यूनिट्स की बिक्री की, जो पिछले वर्ष की तुलना में 39% अधिक है। यह पहली बार है जब कंपनी ने एक साल में 2 लाख और 2.5 लाख यूनिट्स की बिक्री का आंकड़ा पार किया। 2024 में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 17% थी, जो 2025 में बढ़कर 21% हो गई।
नंबर 1 ई-टू-व्हीलर निर्माता
बजाज का ई-टू-व्हीलर में पहला स्थान
पिछले साल फरवरी में, बजाज ऑटो ने पहली बार नंबर 1 ई-टू-व्हीलर निर्माता का खिताब जीता था। इसके बाद कंपनी ने सबसे अधिक मासिक बिक्री का रिकॉर्ड बनाया, जिसमें 35,214 यूनिट्स बिकीं। हालांकि, जुलाई और अगस्त में चेतक के उत्पादन में कमी आई, जिससे बिक्री प्रभावित हुई।
कंपनी का विस्तार
बजाज का नेटवर्क विस्तार
बजाज कंपनी अपने चेतक नेटवर्क का लगातार विस्तार कर रही है। वर्तमान में, कंपनी के पास 390 एक्सक्लूसिव स्टोर, 500 से अधिक शहरों में 4,280 सेल्स पॉइंट और 4,100 से अधिक सर्विस वर्कशॉप हैं। पिछले साल भारत में 4 अलग-अलग जीरो-एमिशन वाहन सेगमेंट में कुल 22,70,425 इलेक्ट्रिक वाहन बिके, जो साल-दर-साल 16% अधिक है।
इनमें इलेक्ट्रिक स्कूटर, मोटरसाइकिल और मोपेड की बिक्री 12.8 लाख यूनिट्स रही, जो 11% की वृद्धि दर्शाती है। कुल EV बिक्री में ई-टू-व्हीलर की हिस्सेदारी 56% रही, जबकि 2024 में यह 59% थी।