भारत का पहला जियो-इमेजिंग सैटेलाइट 4 सितंबर को होगा लॉन्च
भारत के अंतरिक्ष मिशन की नई उड़ान
नई दिल्ली - भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण मिशन की तैयारी चल रही है। केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि जीएसएलवी-एफ17 / ईओएस-05 मिशन 4 सितंबर को लॉन्च किया जाएगा। उन्होंने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा की।
जितेंद्र सिंह ने अपने पोस्ट में कहा, "जीएसएलवी-एफ17/ईओएस-05 मिशन 4 सितंबर को सुबह 02:55 बजे सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, शार, श्रीहरिकोटा से लॉन्च के लिए निर्धारित है। इसके लिए एसडीएससी एसएचएआर की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण करके लॉन्च व्यू गैलरी से मिशन को देखा जा सकता है।" यह जीएसएलवी-एफ17 भारत के जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (जीएसएलवी) की 19वीं उड़ान है।
जीएसएलवी-एफ17 की पेलोड फेयरिंग 4 मीटर व्यास वाली ओगिव (कम्पोजिट) वर्जन है। यह रॉकेट ईओएस-05 सैटेलाइट को सब-जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में स्थापित करेगा। लॉन्च सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड (एसएलपी) से किया जाएगा।
ईओएस-05 एक अत्याधुनिक अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है, जिसे जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट माना जाता है। इसे जीआईएसएटी-1ए के नाम से भी जाना जाता है। इसका वजन 2,367 किलोग्राम है और इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय उपमहाद्वीप की लगभग रियल-टाइम, हाई-रिजॉल्यूशन इमेजिंग उपलब्ध कराना है, जो आपदा निगरानी, कृषि और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण होगी।
यदि आप इस ऐतिहासिक लॉन्च को देखना चाहते हैं, तो आप सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) एसएचएआर में लॉन्च व्यू गैलरी में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करके देख सकते हैं। इसके अलावा, इसरो के यूट्यूब चैनल पर 4 सितंबर को सुबह 02:25 बजे से लाइव कवरेज शुरू होगी। यह विशेष दर्शक दीर्घा आम जनता को रॉकेट लॉन्चिंग को लाइव देखने का अवसर प्रदान करती है।