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भारत वेब3 एसोसिएशन ने डिजिटल परिसंपत्ति क्षेत्र के लिए स्व-नियामक निकाय की स्थापना की

भारत वेब3 एसोसिएशन ने वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति क्षेत्र में पारदर्शिता और उपभोक्ता सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक स्वतंत्र स्व-नियामक निकाय की स्थापना की है। इस निकाय का उद्देश्य जिम्मेदार व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना और बेहतर प्रशासनिक ढांचे का निर्माण करना है। एसआरबी के दिशा-निर्देश वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं पर आधारित होंगे। इसके अध्यक्ष रोहित कुमार सिंह और सदस्य डॉ. प्रज्ञा दास हैं। यह कदम युवा निवेशकों के हितों की रक्षा में मदद करेगा।
 

स्व-नियामक निकाय का गठन

नई दिल्ली - भारत वेब3 एसोसिएशन (बीडब्ल्यूए) ने वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति (वीडीए) क्षेत्र में पारदर्शिता और उपभोक्ता सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक स्वतंत्र स्व-नियामक निकाय (एसआरबी) की स्थापना की घोषणा की है। इसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल परिसंपत्ति क्षेत्र में बेहतर प्रशासनिक ढांचे का निर्माण करना और जिम्मेदार व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।


एसआरबी के दिशा-निर्देश

एसोसिएशन के अनुसार, एसआरबी के दिशा-निर्देश वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा निर्धारित स्व-नियामक संगठनों के ढांचे पर आधारित होंगे। यह निकाय अपने सदस्यों के लिए निष्पक्ष व्यापार, साइबर सुरक्षा, डिजिटल परिसंपत्तियों की सुरक्षा, टोकन सूचीबद्धता में पारदर्शिता, और शिकायत निवारण जैसे क्षेत्रों में मानकों के पालन को बढ़ावा देगा। इसके अलावा, धनशोधन और आतंकवाद के वित्तपोषण से संबंधित अनुपालन की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी।


नियुक्तियाँ और प्रतिक्रियाएँ

भारत सरकार के पूर्व सचिव रोहित कुमार सिंह को एसआरबी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि भारतीय रिजर्व बैंक के मौद्रिक नीति विभाग की पूर्व सलाहकार डॉ. प्रज्ञा दास को सदस्य बनाया गया है।


बीडब्ल्यूए के अध्यक्ष दिलीप चेनॉय ने कहा कि एसआरबी का गठन डिजिटल परिसंपत्ति क्षेत्र में जोखिम को कम करने और नियमों के अनुपालन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। रोहित कुमार सिंह ने कहा कि उभरती प्रौद्योगिकियों की सफलता के लिए नवाचार के साथ विश्वास, पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक हैं।


निवेशकों की स्थिति

डॉ. प्रज्ञा दास के अनुसार, भारत में वीडीए क्षेत्र के लगभग 75 प्रतिशत निवेशक 18 से 35 वर्ष की आयु के हैं, और यह क्षेत्र छोटे शहरों में भी तेजी से फैल रहा है। ऐसे में स्वैच्छिक मानकों के माध्यम से साइबर सुरक्षा, उपभोक्ता संरक्षण और शिकायत निवारण को मजबूत करने से खुदरा निवेशकों के हितों की रक्षा में मदद मिल सकती है।