भारतीय शेयर बाजार ने 2026 की शुरुआत सकारात्मक संकेतों के साथ की
शेयर बाजार में सकारात्मक शुरुआत
मुंबई: नए साल 2026 का आगाज़ भारतीय शेयर बाजार ने हरे निशान के साथ किया है। इस दौरान घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क एनएसई निफ्टी और बीएसई सेंसेक्स में वृद्धि देखी गई।
कैलेंडर वर्ष 2026 के पहले कारोबारी सत्र में, खबर लिखे जाने तक (9:20 बजे तक) निफ्टी 40.30 अंक यानी 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 26,171.45 पर था, जबकि सेंसेक्स 144.39 अंक या 0.17 प्रतिशत की तेजी के साथ 85,364.99 पर ट्रेड कर रहा था। बाजार में सीमित तेजी का कारण कोई बड़ा घरेलू या वैश्विक संकेत का अभाव था।
व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.05 प्रतिशत की मामूली बढ़त रही, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखा।
सेक्टर के हिसाब से, निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स 1 प्रतिशत से अधिक गिरकर सबसे ज्यादा नुकसान में रहा। इसके अलावा, निफ्टी हेल्थकेयर और फार्मा इंडेक्स भी दबाव में रहे। दूसरी ओर, निफ्टी मीडिया इंडेक्स 0.9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ सबसे आगे रहा और निफ्टी ऑटो इंडेक्स में 0.45 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
सेंसेक्स पैक में एम एंड एम, इटरनल, टीसीएस, एनटीपीसी, एलएंडटी, भारती एयरटेल, और टाटा स्टील के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई। वहीं, आईटीसी, बजाज फाइनेंस, बीईएल, एक्सिस बैंक और सन फार्मा के शेयर टॉप लूजर्स में शामिल रहे।
घरेलू बाजार की स्थिति को देखते हुए, निफ्टी 50 ने साल 2025 का अंत 10.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ किया, जिससे इसकी लगातार 10 साल की तेजी जारी रही। सेंसेक्स भी 2025 में 9.06 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 5.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 5.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
चॉइस ब्रोकिंग की टेक्निकल एंड डेरिवेटिव एनालिस्ट अमृता शिंदे ने कहा कि बाजार का माहौल थोड़ा स्थिर और सकारात्मक दिख रहा है। घरेलू तकनीकी संकेत बेहतर हो रहे हैं, लेकिन वैश्विक संकेत मिले-जुले हैं। इसलिए निवेशकों को दुनिया के बाजार, कच्चे तेल की कीमतों, और बड़े निवेशकों के पैसे के आवागमन पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि बाजार ने पहले की सुस्ती से बाहर निकलकर तेजी दिखाई है। निफ्टी के लिए 26,250 से 26,300 का स्तर रेजिस्टेंस बन सकता है, जबकि 26,000 से 26,050 का स्तर सपोर्ट का काम कर सकता है।
एक्सपर्ट ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता और बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी जाती है। गिरावट के समय अच्छे शेयरों में सीमित जोखिम के साथ खरीदारी करना बेहतर रहेगा। नई खरीदारी तभी करनी चाहिए, जब निफ्टी 26,300 के ऊपर मजबूती से टिक जाए।