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मुख्यमंत्री धामी ने चारधाम यात्रा-2026 की व्यवस्थाओं की समीक्षा की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चारधाम यात्रा-2026 की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। यात्रा मार्गों पर मौसम और भूस्खलन की स्थिति की निगरानी, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, और यातायात प्रबंधन पर जोर दिया गया। धामी ने यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही।
 

चारधाम यात्रा की तैयारी पर चर्चा

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चारधाम यात्रा-2026 की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस बैठक में उन्होंने यात्रा से संबंधित जिलों के अधिकारियों से मार्गों, यातायात, स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाना सुनिश्चित किया जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने यात्रा मार्गों पर मौसम और भूस्खलन की स्थिति की निरंतर निगरानी करने, संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत और बचाव की व्यवस्था करने की भी बात कही।


चारधाम यात्रा-2026 के द्वितीय चरण की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। होल्डिंग एरिया, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, भोजन, पेयजल और शौचालयों की… pic.twitter.com/ikS92Bepud

— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) September 15, 2026



मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग एरिया में आवश्यक सुविधाओं को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। यमुनोत्री धाम में भीड़ को देखते हुए धाम से लगभग 500 मीटर पहले दूसरा घोड़ा पड़ाव विकसित करने और डंडी-कंडी सेवाओं को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए।


उन्होंने पैदल मार्ग पर यात्रियों और घोड़े-खच्चरों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने और सूर्यकुंड क्षेत्र में प्रभावी भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने घोड़े-खच्चरों के संचालन में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने, पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री ने ज्योतिर्मठ-मारवाड़ी मार्ग पर प्रभावी यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने और मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में उसे जल्द खोलने के लिए आवश्यक मशीनरी की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। चारों धामों में मौसम की स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए अलाव समेत आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की बात भी कही।


उन्होंने विशेष रूप से केदारनाथ और बदरीनाथ यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीएम ने यात्रा मार्गों पर स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था रखने और घोड़े-खच्चरों की लीद का समुचित निस्तारण सुनिश्चित करने की बात कही।


उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन की व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने की बात कही। मुख्यमंत्री ने मोबाइल नेटवर्क की समस्या वाले क्षेत्रों में आपातकालीन संचार व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित विभागों और दूरसंचार कंपनियों के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।


उन्होंने यात्रा मार्गों पर पर्याप्त शौचालय, पेयजल, विद्युत, प्रकाश और शटल सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने और शौचालयों की नियमित सफाई और औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए।


सीएम धामी ने हेली सेवाओं के टिकट निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित दर से अधिक वसूली या अनधिकृत टिकट बिक्री की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर हेली सेवाओं का संचालन किया जाए।


मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा से किसी भी स्तर पर समझौता न हो। यात्रा मार्गों और संवेदनशील स्थलों की निरंतर निगरानी करते हुए किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाए।