मोहाली: उत्तरी भारत का अगला जीसीसी हब बनने की ओर
मोहाली में निवेश के अवसर
उद्योग मंत्री ने मोहाली की विशेषताओं पर प्रकाश डाला
पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने बेंगलुरु में आयोजित एक निवेश संपर्क कार्यक्रम में मोहाली को उत्तरी भारत का अगला ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) और तकनीकी हब के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि मोहाली टियर-2 शहर की लागत पर टियर-1 शहर जैसी सुविधाएं प्रदान करता है।
इस कार्यक्रम के दौरान, उन्होंने प्रमुख वैश्विक कंपनियों को पंजाब में निवेश के अवसरों के बारे में जानकारी दी, विशेषकर आईटी/आईटीईएस, अनुसंधान एवं विकास और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में।
पंजाब में निवेश को बढ़ावा
यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री भगवंत मान की रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पंजाब को वैश्विक निवेश के लिए एक प्रमुख गंतव्य बनाना है।
गोलमेज बैठक में कई प्रमुख कंपनियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया, जहां प्रतिभा, बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और जीवन की गुणवत्ता जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।
मोहाली का निवेश के लिए उपयुक्तता
अमन अरोड़ा ने कहा कि मोहाली में हर साल 40,000 से अधिक स्नातक तैयार होते हैं, जो इसे एक मजबूत कार्यबल प्रदान करते हैं।
चंडीगढ़-मोहाली क्षेत्र में तकनीकी पेशेवरों की अच्छी खासी संख्या है, और यहाँ की लागत लाभ और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की निकटता इसे एक आकर्षक निवेश गंतव्य बनाती है।