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राजस्थान के सरिस्का में पहली बार देखा गया दुर्लभ सफेद मोर

राजस्थान के अलवर जिले में स्थित सरिस्का टाइगर रिजर्व में पहली बार एक दुर्लभ सफेद मोर देखा गया है। यह अद्वितीय दृश्य पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। सफेद मोर की उपस्थिति ने वन विभाग को अलर्ट मोड में ला दिया है, और इसकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। जानें इस अनोखे पक्षी के बारे में और सरिस्का की वन्यजीवों की विविधता के बारे में।
 

अलवर में सफेद मोर की अनोखी उपस्थिति

अलवर: राजस्थान के अलवर जिले में स्थित प्रसिद्ध सरिस्का टाइगर रिजर्व से एक अद्वितीय और आकर्षक दृश्य सामने आया है, जिसने पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया है। सरिस्का के बाल किला बफर जोन में पहली बार एक पूरी तरह सफेद मोर देखा गया है। आमतौर पर नीले और हरे रंग के मोरों के बीच इस बर्फीले सफेद मोर की सुंदरता सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई है और यह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।


सफारी के दौरान अद्भुत दृश्य का सामना


यह घटना तब हुई जब देश-विदेश से आए पर्यटक सरिस्का के बारा लिवारी ट्रैक पर जंगल सफारी का आनंद ले रहे थे। अचानक उनकी नजर पेड़ों के बीच घूमते हुए एक सफेद मोर पर पड़ी। इस अप्रत्याशित और दुर्लभ दृश्य को देखकर पर्यटक पहले तो विश्वास नहीं कर पाए, लेकिन तुरंत उन्होंने अपने कैमरे से इस खूबसूरत पक्षी की तस्वीरें और वीडियो कैद कर लिए।


सरिस्का के इतिहास में पहली बार, जानें कारण


स्थानीय फोटोग्राफर और नेचर गाइड हिमांशु के अनुसार, सरिस्का के इतिहास में आज तक सफेद मोर नहीं देखा गया है, इसलिए यह घटना वन्यजीवों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का मानना है कि मोर का पूरी तरह सफेद होना एक दुर्लभ आनुवंशिक स्थिति के कारण होता है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में 'ल्यूसीज्म' कहा जाता है। इस स्थिति के कारण पक्षी के पंखों का प्राकृतिक रंग खत्म हो जाता है और वे सफेद हो जाते हैं।


वन विभाग की निगरानी और पर्यटकों का उत्साह


सफेद मोर की तस्वीरें वायरल होते ही वन विभाग ने पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। सरिस्का के सीसीएफ संग्राम सिंह ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि पार्क में इस दुर्लभ मोर की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है और इसकी विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है। उन्होंने इसे सरिस्का के लिए एक गर्व का पल बताया है। इस अनोखे पक्षी के आगमन के बाद से सरिस्का में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है और लोग इसकी एक झलक पाने के लिए विशेष सफारी बुक करवा रहे हैं।


बाघों के गढ़ में वन्यजीवों की रौनक बढ़ी


सरिस्का टाइगर रिजर्व पहले से ही बाघों की संख्या में वृद्धि के कारण चर्चा में है। हाल ही में बाघिन एसटी-22 ने शावकों को जन्म दिया था, जिससे पार्क में बाघों की संख्या में इजाफा हुआ है। इसके अलावा, सरिस्का में 500 से अधिक तेंदुए, सांभर, चीतल, नीलगाय, भालू और हिरणों का भी सुरक्षित ठिकाना है। इस समृद्ध इकोसिस्टम में इस जादुई सफेद मोर की उपस्थिति ने सरिस्का की सुंदरता को और बढ़ा दिया है।