रेवाड़ी मंडी में सरसों की सरकारी खरीद शुरू, किसान प्राइवेट में बेच रहे हैं
सरसों की सरकारी खरीद का आगाज़
रेवाड़ी अनाज मंडी में आज शनिवार से सरसों की सरकारी खरीद प्रक्रिया आरंभ हो गई है। लेकिन पहले दिन किसी भी किसान ने MSP पर सरसों बेचने के लिए टोकन नहीं लिया। इसका कारण यह है कि मंडी में प्राइवेट भाव MSP से अधिक है, जिससे किसान अपनी फसल प्राइवेट में ही बेचने को प्राथमिकता दे रहे हैं.
सरकारी और प्राइवेट भाव में अंतर
सरकार ने सरसों की MSP 6200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की है। सरकारी एजेंसी सरसों की नमी और गुणवत्ता की जांच के बाद इस दर पर खरीद करती है। वहीं, किसानों को प्राइवेट बाजार में 6800 रुपये तक मिल रहा है। जिन सरसों में नमी या गुणवत्ता की कमी है, वे भी लगभग 6000 से 6200 रुपये प्रति क्विंटल के भाव में बिक रही हैं.
किसानों का पंजीकरण और प्राइवेट खरीद
जानकारी के अनुसार, 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' पोर्टल पर जिले के 57744 किसानों ने 177789 एकड़ भूमि का पंजीकरण कराया है। सरकारी खरीद शुरू होने से पहले, प्राइवेट खरीदारों ने लगभग 65 हजार क्विंटल सरसों खरीद ली है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुनी है.
सरकारी खरीद में कमी
मार्केटिंग कमेटी के सचिव ने बताया कि प्राइवेट भाव अधिक होने के कारण आज सरकारी खरीद शुरू होने के बावजूद किसी भी किसान की ई-खरीद पोर्टल पर एंट्री नहीं हुई। हालांकि, प्राइवेट आढ़तियों को बेचने के लिए बड़ी संख्या में गेट पास जारी किए गए हैं.
गेंहू की खरीद की तैयारी
उन्होंने यह भी कहा कि एक अप्रैल से गेंहू की सरकारी खरीद भी शुरू हो जाएगी, जिसका MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसानों के लिए उचित व्यवस्था पहले से की गई है.