विनेश फोगट का संघर्ष: भारतीय कुश्ती संघ की कार्रवाई पर सवाल
विनेश फोगट और डब्लूएफआई के बीच विवाद
एक साहसी खिलाड़ी, जो देश के लिए पदक जीतने की उम्मीद कर रही थी, की राह में बाधा डालने वाली संस्था वही है, जिसे खेल को बढ़ावा देने का कार्य सौंपा गया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध पहलवान विनेश फोगट और भारतीय कुश्ती संघ (डब्लूएफआई) के बीच चल रहा ताजा विवाद भारतीय खेल प्रणाली और खिलाड़ियों के खिलाफ माहौल की एक स्पष्ट मिसाल है। विनेश अगले ओलंपिक खेलों में भाग लेने की योजना बना रही हैं। इस दिशा में, उन्होंने नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी की। लेकिन डब्लूएफआई ने उन्हें प्रतियोगिता में भाग लेने से रोक दिया। संघ ने उन पर “अनुशासन का उल्लंघन, एंटी-डोपिंग नियमों का उल्लंघन और राष्ट्रीय शर्मिंदगी लाने” का आरोप लगाया है।
इस कारण, विनेश अगले 26 जून तक किसी भी घरेलू प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकेंगी। उन पर यह आरोप इसलिए लगाया गया क्योंकि वे उन छह महिला पहलवानों में से एक हैं, जिन्होंने डब्लूएफआई के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। हालांकि, इससे सिंह को कोई नुकसान नहीं हुआ, बल्कि विनेश और अन्य पहलवानों को “राष्ट्रीय शर्मिंदगी” का दोषी ठहराया गया। चूंकि नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट का आयोजन सिंह के राजनीतिक क्षेत्र गोंडा में हो रहा है, विनेश ने वहां जाने से पहले यह स्पष्ट किया कि आरोप लगाने वाली पहलवानों में वे भी शामिल हैं। अन्य पहलवानों के नाम गोपनीय रखे गए हैं, और संभवतः उन्होंने अपनी असहाय स्थिति को स्वीकार कर लिया है।
फिर भी, विनेश ने अपने संघर्ष को जारी रखा है। उन्होंने कहा है कि संबंधित अंतरराष्ट्रीय संस्था ने उन्हें डोपिंग के आरोप से मुक्त कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनका दावा गलत साबित होता है, तो उन्हें उचित दंड दिया जाए। लेकिन फिलहाल, उन्हें टूर्नामेंट में भाग लेने की अनुमति दी जाए, क्योंकि यह ओलंपिक और एशियन खेलों में उनकी भागीदारी से जुड़ा है। लेकिन डब्लूएफआई ने विनेश को बाहर रखने पर अड़ा रहा। इस प्रकार, हाल ही में मां बनने के बाद फिर से खुद को संभालने वाली एक साहसी खिलाड़ी की राह में बाधा डालने वाली संस्था ने खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी निभाने में असफलता दिखाई है। इससे भारतीय खेल ढांचे की विद्रुपताएं और खिलाड़ियों के खिलाफ रुझान उजागर हुए हैं, क्योंकि विनेश अकेली खिलाड़ी नहीं हैं जो इस स्थिति का सामना कर रही हैं।