सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी खिलाड़ी अबरार अहमद को खरीदा, सोशल मीडिया पर विवाद
द हंड्रेड में नीलामी का आयोजन
नई दिल्ली: द हंड्रेड मेंस लीग के अगले सीजन के लिए 12 मार्च को खिलाड़ियों की नीलामी हुई। इस नीलामी में सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद को अपनी टीम में शामिल किया। नीलामी के दौरान, सनराइजर्स हैदराबाद की मालकिन काव्या मारन भी उपस्थित थीं और उन्होंने अबरार के लिए बोली लगाई। अंततः उन्हें लगभग 2.3 करोड़ रुपये में खरीदा गया।
सोशल मीडिया पर विवाद
हालांकि, जैसे ही सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदा, सोशल मीडिया पर विवाद उत्पन्न हो गया। भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों ने फ्रेंचाइजी की आलोचना की।
सोशल मीडिया अकाउंट सस्पेंड
इस बीच, सनराइजर्स लीड्स का आधिकारिक अकाउंट 'X' पर सस्पेंड कर दिया गया। हालांकि, अकाउंट सस्पेंड होने का कारण स्पष्ट नहीं है। आमतौर पर, प्लेटफॉर्म के नियमों का उल्लंघन करने पर ही ऐसा होता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, नीलामी के बाद रात करीब 2 बजे फ्रेंचाइजी का अकाउंट सस्पेंड हुआ।
अबरार अहमद का ऐतिहासिक चयन
अबरार अहमद, द हंड्रेड में किसी भारतीय स्वामित्व वाली टीम द्वारा खरीदे गए पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी बन गए हैं। उन्हें 2,55,000 अमेरिकी डॉलर, यानी लगभग 2.3 करोड़ रुपये में खरीदा गया।
फैंस की प्रतिक्रिया
पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने के निर्णय पर भारत में कुछ क्रिकेट प्रशंसकों ने टीम की आलोचना की और सोशल मीडिया पर ट्रोल किया। कई फैंस का कहना है कि काव्या मारन का यह कदम देश की भावनाओं के खिलाफ है। अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या फ्रेंचाइजी आगे चलकर अबरार अहमद को रिलीज करेगी।
कोच का बयान
नीलामी से पहले ऐसी रिपोर्ट्स आई थीं कि भारतीय स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजियां द हंड्रेड के ऑक्शन में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नहीं खरीदेंगी। इस दौरान संभावित 'शैडो बैन' की चर्चा भी हुई थी। हालांकि, सनराइजर्स के कोच डेनियल विटोरी ने अबरार अहमद को टीम में शामिल करने के निर्णय को क्रिकेटिंग आधार पर लिया गया बताया। उन्होंने कहा कि साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से अबरार के प्रदर्शन के बारे में राय ली गई थी और उसी के आधार पर उन्हें टीम में लेने का निर्णय लिया गया। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि फ्रेंचाइजी के भीतर पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेने या न लेने पर कोई विशेष बैठक नहीं हुई थी।