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सिरसा में किन्नू जूस प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना से किसानों को मिलेगा लाभ

हरियाणा के सिरसा में एक नया किन्नू जूस प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जा रहा है, जो किसानों की आय में वृद्धि करेगा और फलों की बर्बादी को रोकेगा। यह प्लांट वीटा और हरियाणा एग्रो के सहयोग से बनेगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इस परियोजना के तहत न केवल किन्नू, बल्कि अन्य फलों की भी प्रोसेसिंग की जाएगी। जानें इस पहल के बारे में और कैसे यह किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
 

सिरसा में किन्नू जूस प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना

हरियाणा के सिरसा में वीटा और हरियाणा एग्रो मिलकर एक किन्नू जूस प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने जा रहे हैं, जिसकी क्षमता 22 हजार मीट्रिक टन होगी। इस पहल से किसानों की आय में वृद्धि होगी और फलों की बर्बादी को रोका जा सकेगा।


सिरसा. सिरसा जिले को किन्नू की उपज के लिए जाना जाता है, लेकिन अक्सर किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाता। इस समस्या के समाधान के लिए नायब सिंह सैनी की सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।


कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने घोषणा की है कि सिरसा में एक अत्याधुनिक किन्नू जूस प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जाएगा। यह प्लांट हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन और वीटा के सहयोग से स्थापित होगा। इससे न केवल किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे।


पीपीपी मॉडल पर आधारित परियोजना

पीपीपी मॉडल पर तैयार होगा यह प्रोजेक्ट


कृषि मंत्री ने बताया कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत विकसित की जाएगी। इसका उद्देश्य निजी क्षेत्र की तकनीकी विशेषज्ञता और सरकारी संसाधनों का समन्वय करना है। इस प्लांट की क्षमता काफी बड़ी होगी।


वीटा और एग्रो इंडस्ट्रीज की नई पहल, 22 हजार टन फलों से बनेगा जूस, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार


इस प्लांट में हर साल लगभग 22 हजार मीट्रिक टन फलों की प्रोसेसिंग की जा सकेगी, जिससे क्षेत्र के हजारों बागवानी किसानों को सीधा लाभ होगा। उनकी फसल अब सीधे फैक्ट्री में जाएगी, जिससे बर्बादी कम होगी।


अधिक फलों का होगा उपयोग

सिर्फ किन्नू ही नहीं इन फलों का भी होगा इस्तेमाल


अक्सर देखा जाता है कि प्रोसेसिंग यूनिट की कमी के कारण अमरूद और अनार जैसे फल खेतों में सड़ जाते हैं। इस नए प्लांट में केवल किन्नू का जूस नहीं बनेगा, बल्कि अमरूद और अनार जैसे अन्य फलों की भी प्रोसेसिंग की जाएगी।


तैयार किए गए जूस और अन्य उत्पादों को 'वीटा' ब्रांड के तहत पैक किया जाएगा। वीटा हरियाणा का एक विश्वसनीय ब्रांड है, जिससे उत्पादों की मार्केटिंग में आसानी होगी और किसानों को बेहतर रिटर्न मिलेगा।


उत्पादों की बिक्री की योजना

हर हित स्टोर और वीटा बूथ पर बिकेगा सामान


किसानों के फलों का जूस आम जनता तक पहुंचाने के लिए सरकार ने एक ठोस योजना बनाई है। इन उत्पादों को बेचने के लिए प्रदेश भर में 'हर हित' स्टोर और 'वीटा' के आउटलेट्स का उपयोग किया जाएगा।


कृषि मंत्री ने बताया कि सरकार हर हित स्टोर के नेटवर्क को मजबूत करने की योजना बना रही है। वर्तमान में हर साल 200 से 250 नए स्टोर खोले जा रहे हैं, लेकिन भविष्य में यह संख्या बढ़ाकर 500 से 600 स्टोर प्रति वर्ष करने की योजना है। इससे गांवों तक इन उत्पादों की पहुंच सुनिश्चित होगी।


किसानों की आय में वृद्धि

किसानों की आय बढ़ाने पर जोर


विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक खेती की तुलना में बागवानी में अधिक लाभ होता है, लेकिन इसमें जोखिम भी अधिक होता है। फलों के जल्दी खराब होने का डर हमेशा बना रहता है। इस फूड प्रोसेसिंग यूनिट के स्थापित होने से यह जोखिम समाप्त हो जाएगा।


जब किसानों को पता होगा कि उनकी फसल का खरीदार मौजूद है, तो वे और अधिक उत्साह के साथ बागवानी करेंगे। यह कदम 2047 तक किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।


सामाजिक प्रभाव

बर्बादी रुकेगी और रोजगार बढ़ेगा


इस परियोजना का सबसे बड़ा सामाजिक प्रभाव यह होगा कि फलों की बर्बादी पर रोक लगेगी। जो फल मंडी में नहीं बिक पाते थे, उनका जूस बनेगा। इसके अलावा, प्लांट के संचालन, परिवहन और मार्केटिंग के लिए बड़ी संख्या में मैनपावर की आवश्यकता होगी, जिससे सिरसा और आसपास के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा।