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2026 में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का रुख

नए साल 2026 की शुरुआत में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी की कीमत में लगभग 1800 रुपये की कमी आई है, जबकि सोने की कीमत भी घट गई है। चांदी ने पिछले साल रिकॉर्ड ऊंचाई छुई थी, लेकिन अब यह सस्ती हो गई है। जानें इसके पीछे के कारण और भविष्य में कीमतों में संभावित उछाल के बारे में।
 

सोने और चांदी की कीमतों में कमी


नई दिल्ली: वर्ष 2026 की शुरुआत में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई है। पिछले साल के अंत में शुरू हुई इस गिरावट का प्रभाव पहले कारोबारी दिन पर भी स्पष्ट हुआ। नए साल के पहले दिन सोने और चांदी दोनों के दाम में कमी आई है।


मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमत में लगभग 1800 रुपये की कमी आई, जबकि सोने की कीमत भी घट गई। इससे ज्वेलरी खरीदारों को थोड़ी राहत मिली है।


चांदी की कीमत में महत्वपूर्ण गिरावट

चांदी ने 2025 में अपने उच्चतम स्तर को छुआ था, लेकिन साल के अंत में इसमें गिरावट शुरू हो गई। नए साल के पहले दिन यह गिरावट जारी रही। MCX पर 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी 31 दिसंबर को 2,35,701 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी, लेकिन 1 जनवरी को बाजार खुलते ही यह लगभग 1851 रुपये सस्ती होकर 2,33,850 रुपये प्रति किलो पर आ गई।


चांदी का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर 2,54,174 रुपये प्रति किलो रहा है, और वर्तमान कीमत इससे लगभग 20,324 रुपये कम है। इससे निवेशकों को सस्ते दाम पर खरीदारी का अवसर मिल सकता है।


सोने की कीमत में भी कमी

सोने की कीमतों में भी गिरावट का रुख बना रहा। MCX पर 5 फरवरी एक्सपायरी वाला 24 कैरेट सोना पिछले बंद भाव 1,35,447 रुपये प्रति 10 ग्राम से घटकर 1,35,080 रुपये पर खुला। सोने का रिकॉर्ड हाई 1,40,465 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जिससे अब यह लगभग 5,385 रुपये सस्ता हो गया है।


गिरावट के कारण

सोने और चांदी की कीमतों में यह कमी कई कारणों से आई है। रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद निवेशक मुनाफा बुक कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि आगे बड़ी गिरावट से नुकसान हो सकता है।


कीमतों में संभावित उछाल

अमेरिकी डॉलर की मजबूती और वैश्विक तनाव में कमी ने सुरक्षित निवेश की मांग को घटाया है। जब दुनिया में अनिश्चितता कम होती है, तो लोग सोने-चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों से दूर रहते हैं।


हालांकि, लंबे समय में इन धातुओं की मांग मजबूत रहने की उम्मीद है। नए साल में बाजार पर नजर रखें क्योंकि कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं। यदि आप खरीदारी की योजना बना रहे हैं, तो विशेषज्ञों की सलाह लेना न भूलें।