8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर केंद्र सरकार के कर्मचारियों की उम्मीदें
कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग से काफी उम्मीदें हैं। आयोग के गठन के बाद, सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि वेतन और पेंशन में कितनी वृद्धि होगी। इस आयोग की अध्यक्षता पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। आयोग की सिफारिशों के बाद और केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने पर नई वेतन संरचना लागू की जाएगी।
फिटमेंट फैक्टर का महत्व
फिटमेंट फैक्टर क्या है?
फिटमेंट फैक्टर एक गुणांक (मल्टीप्लायर) है, जिसका उपयोग मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई बेसिक सैलरी निर्धारित करने के लिए किया जाता है। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जिसके कारण न्यूनतम बेसिक सैलरी 7,440 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गई। यह फैक्टर वेतन आयोग में सैलरी वृद्धि का एक महत्वपूर्ण आधार माना जाता है।
8वें वेतन आयोग में संभावित फिटमेंट फैक्टर
फिटमेंट फैक्टर की संभावनाएं
विशेषज्ञों के अनुसार, 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.15 से 2.86 के बीच हो सकता है। कुछ विशेषज्ञ इसे 1.9 से 2.5 के बीच मानते हैं, जबकि कुछ का मानना है कि 7वें वेतन आयोग का 2.57 का फैक्टर भी दोहराया जा सकता है।
यदि फिटमेंट फैक्टर 2.15 होता है तो...
लेवल 1 (ग्रुप D): बेसिक सैलरी 18,000 से बढ़कर लगभग 38,700 रुपये
लेवल 10 (एंट्री लेवल ग्रुप A): 56,100 से बढ़कर लगभग 1,20,615 रुपये
लेवल 18 (सीनियर ग्रुप A): 2,50,000 से बढ़कर लगभग 5,37,500 रुपये
यदि फिटमेंट फैक्टर 2.86 होता है तो...
लेवल 1: सैलरी बढ़कर 51,480 रुपये
लेवल 10: सैलरी लगभग 1,60,446 रुपये
लेवल 18: सैलरी बढ़कर लगभग 7,15,000 रुपये
यदि फिटमेंट फैक्टर 2.57 रहता है तो...
लेवल 1: 46,260 रुपये
लेवल 10: 1,44,177 रुपये
लेवल 18: 6,42,500 रुपये हो जाएगी
हालांकि, ये सभी आंकड़े अनुमानित हैं। वास्तविक स्थिति तब स्पष्ट होगी जब 8वां वेतन आयोग अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेगा और केंद्र सरकार उन्हें मंजूरी देगी। तब तक सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को थोड़ी प्रतीक्षा करनी होगी।